बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भविष्य और बिहार की अगली सरकार को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। अनंत सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़ सकते हैं और राज्यसभा जा सकते हैं।
नीतीश कुमार के फैसले से पूरा बिहार दुखी
अनंत सिंह ने एक निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने (राज्यसभा जाने) के फैसले से न केवल सत्तापक्ष, बल्कि विपक्ष भी दुखी है। उन्होंने बताया, “नीतीश कुमार को जनता ने 5 साल के लिए मुख्यमंत्री चुना था, लेकिन अब वे राज्यसभा जाने का मन बना चुके हैं। जब मैं उनसे मिला था, तभी मुझे समझ आ गया था कि वे अपना फैसला नहीं बदलेंगे।”
अनंत सिंह का मानना है कि भले ही बिहार के लोग उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन दिल्ली जाने से बिहार के विकास की गति और तेज होगी।
अगला मुख्यमंत्री कौन? निशांत कुमार या सम्राट चौधरी
जब अनंत सिंह से पूछा गया कि नीतीश कुमार के बाद बिहार की कमान किसके हाथ में होनी चाहिए, तो उन्होंने दो बड़े नाम सुझाए:
जेडीयू से: अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि निशांत बहुत काबिल हैं और जनता उन्हें राजनीति में लेकर आई है। अगर जेडीयू से कोई मुख्यमंत्री बनता है, तो उनकी पहली पसंद निशांत कुमार होंगे।
बीजेपी से: उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर गठबंधन में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनता है, तो सम्राट चौधरी को यह जिम्मेदारी मिलनी चाहिए
अनंत सिंह ने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार जैसा काम अब तक बिहार में किसी ने नहीं किया है और उनके जाने के बाद खाली होने वाली जगह को भरना आसान नहीं होगा।
तेजस्वी यादव और आरजेडी पर हमला
विपक्ष पर निशाना साधते हुए अनंत सिंह ने दावा किया कि आरजेडी (RJD) का अस्तित्व अब खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आने वाले समय में तेजस्वी यादव को चुनाव लड़ने के लिए किसी दूसरे दल से टिकट मांगना पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के तुरंत बाद नई और मजबूत सरकार का गठन हो जाएगा।
राजनीति से संन्यास का संकेत?
अनंत सिंह ने अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा, “मैं अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा।” उनकी जगह उनके बेटों में से कोई चुनावी मैदान में उतरेगा। हालांकि, उनके छोटे बेटे अभिनव ने फिलहाल इस पर सस्पेंस बरकरार रखा है। अभिनव का कहना है कि वे अभी अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं और राजनीति में आने का फैसला समय आने पर लेंगे।