उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिद्धार्थनगर में आयोजित पांच दिवसीय सिद्धार्थनगर महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जिले में 1,052 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की 25 करोड़ आबादी को एक परिवार मानकर विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रही है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुछ नकारात्मक सोच वाले लोगों ने इस क्षेत्र को पीछे धकेलने का काम किया, लेकिन सरकार ने दृढ़ संकल्प के साथ उस स्थिति को बदला है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश उपद्रव और अव्यवस्था से निकलकर उत्सव और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
संस्कारों से बनेगा विकसित भारत
कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना की मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि जब बच्चों में अच्छे संस्कार दिए जाएंगे, तभी वे भविष्य में विकसित भारत के मजबूत आधार बनेंगे। शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समाज को आगे ले जाता है।
महिला उद्यमियों की सफलता की कहानी
महोत्सव के दौरान सरकारी योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ने वाली दो महिला उद्यमियों ने मंच से अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक रूप से सशक्त हों।
बिना भेदभाव हर जिले तक विकास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों और प्रयासों से जिले में विकास योजनाएं लागू की जा रही हैं। सरकार केवल माध्यम की भूमिका निभा रही है और सभी जनपदों को बिना किसी भेदभाव के संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और समाजवादी पार्टी की विधायक सैयदा खातून का आभार व्यक्त किया।
समग्र और सतत विकास ही रामराज्य की अवधारणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन निराशा के लिए नहीं, बल्कि उत्साह और उमंग के साथ विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि विकास को बांटकर नहीं किया जा सकता। जाति, मत, मजहब, क्षेत्र और भाषा के आधार पर भेदभाव के बजाय समग्र और सतत विकास की सोच अपनानी होगी। यही सोच रामराज्य की अवधारणा को साकार करती है।
गरीब, किसान और युवा विकास के केंद्र में
सीएम योगी ने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र गरीब, किसान, युवा और गांव हैं। बिना किसी भेदभाव के गरीबों को राशन, शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ सरकार समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
इंसेफेलाइटिस से मुक्ति और मजबूत स्वास्थ्य ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना मुश्किल था कि सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज होगा, लेकिन आज माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज कार्यरत है। नर्सिंग कॉलेज की शुरुआत हो चुकी है और महिला छात्रावास का शिलान्यास किया गया है। इसके अलावा सीएसआर फंड से एक हजार सीटों वाले ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एक समय यह क्षेत्र इंसेफेलाइटिस और पलायन के लिए जाना जाता था। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से सरकार ने संकल्प लिया कि इस बीमारी से एक भी बच्चे की मौत नहीं होने दी जाएगी। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से दशकों पुरानी यह बीमारी अब समाप्त हो चुकी है।
कनेक्टिविटी और निवेश को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिद्धार्थनगर की कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। नेपाल से जुड़ने वाली सड़कों को फोरलेन में बदला गया है। खलीलाबाद से बहराइच तक प्रस्तावित रेल लाइन जिले से होकर गुजरेगी, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर भी जिले के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थनगर का नाम राजकुमार सिद्धार्थ से जुड़ा है और इसकी ऐतिहासिक व आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, सकारात्मक सोच और कर्म के माध्यम से ही श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।