विन न्यूज़ नेटवर्क। एशियन गेम्स 2026 में रविवार, 27 सितंबर को भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों अनाहत सिंह और अभय सिंह को फाइनल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। दोनों खिलाड़ी गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए, लेकिन सिल्वर मेडल अपने नाम कर उन्होंने भारत का गौरव बढ़ाया।
खास बात यह रही कि 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स में महिला एकल स्क्वॉश का रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं।

फाइनल में मलेशियाई खिलाड़ियों से मिली चुनौती
महिला एकल के फाइनल में अनाहत सिंह का सामना मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम से हुआ। मुकाबले में मलेशियाई खिलाड़ी ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ बनाए रखी और लगातार तीन गेम जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। अनाहत को 0-3 से हार मिली और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि, फाइनल तक पहुंचने और रजत पदक जीतने के साथ अनाहत ने भारतीय स्क्वॉश में एक नई उपलब्धि दर्ज की।
अभय सिंह भी गोल्ड जीतने से चूके
पुरुष एकल के फाइनल में भारतीय खिलाड़ी अभय सिंह के सामने मलेशिया के मौजूदा चैंपियन एनजी ईन यो थे। इस मुकाबले में भी भारतीय खिलाड़ी को सीधे तीन गेम में हार का सामना करना पड़ा। मलेशियाई खिलाड़ी ने पहला गेम 11-9 से जीता, जबकि अगले दोनों गेम 11-5, 11-5 से अपने नाम किए। इस तरह अभय सिंह को भी सिल्वर मेडल मिला। पुरुष एकल में यह उपलब्धि भारतीय स्क्वॉश के लिए खास रही।

भारतीय स्क्वॉश के लिए क्यों खास रही यह उपलब्धि?
अनाहत और अभय का फाइनल तक पहुंचना भारतीय स्क्वॉश के लिए एक अहम उपलब्धि रही। अनाहत ने सेमीफाइनल में जापान की सातोमी वातानाबे के खिलाफ पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की थी। वहीं अभय ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान को हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता का परिचय दिया।
अब आगे के मुकाबलों पर रहेंगी नजरें
एशियन गेम्स में मिले इन पदकों से भारतीय स्क्वॉश को नई पहचान मिली है। अनाहत की ऐतिहासिक उपलब्धि और अभय का रजत पदक आने वाले समय में इस खेल के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि भारतीय खिलाड़ी एशियाई स्तर पर खिताबी मुकाबलों तक पहुंचने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, इस बार गोल्ड मेडल मलेशिया के खिलाड़ियों के नाम रहा।