अकबरुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के इस प्रमुख नेता ने राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेलंगाना की स्थिति अब उत्तर प्रदेश जैसी होती जा रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
ओवैसी ने अपने बयान में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जनता ने कांग्रेस को जिन वादों के आधार पर सत्ता सौंपी थी, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आम लोगों की समस्याएं बढ़ रही हैं और सरकार उन्हें हल करने में नाकाम साबित हो रही है। ओवैसी ने यह भी कहा कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं, उसी तरह की स्थिति अब तेलंगाना में भी देखने को मिल रही है।
उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि तेलंगाना में आने वाले समय में चुनावी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। ऐसे में विपक्षी दल सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते। ओवैसी का यह बयान कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकता है, खासकर तब जब वह राज्य में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहती है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर लगातार काम कर रही है। उनका दावा है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बयान दे रहा है।
ओवैसी के इस बयान ने तेलंगाना की राजनीति को एक नई दिशा दे दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दल किस तरह अपनी रणनीति तय करते हैं और जनता के बीच किसका पक्ष मजबूत होता है।