आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में मानवता को शर्मसार करने वाले एक जघन्य हत्याकांड का अंत हो गया है। 8 साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या कर फरार हुए आरोपी किराएदार सुनील को आगरा पुलिस ने बमरौली कटारा क्षेत्र में हुई एक मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया है। इस कार्रवाई के दौरान एक दरोगा भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।
क्या थी पूरी घटना? (24 मार्च से 28 मार्च का घटनाक्रम)
वारदात की शुरुआत 24 मार्च को थाना ताजगंज क्षेत्र से हुई, जब एक जूता कारखाना संचालक की 8 वर्षीय मासूम बेटी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। अगले ही दिन, यानी 25 मार्च को पुलिस को बच्ची का शव उसी मकान में रहने वाले किराएदार सुनील के कमरे से मिला। हत्यारे ने न केवल बच्ची का गला रेता था, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए कमरे का खून धोकर लाश को आटे के ड्रम में ठूंस दिया था।
25 हजार का इनाम और 12 टीमों की घेराबंदी
इस सनसनीखेज मामले के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था और उसे दबोचने के लिए 12 टीमें लगाई गई थीं। शनिवार (28 मार्च 2026) की सुबह तड़के पुलिस को मुखबिर से आरोपी के बमरौली कटारा क्षेत्र में होने की सूचना मिली। जब पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा, तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से सुनील घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक 315 बोर का तमंचा, छह खोखा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त (नगर) सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें हमारे एक दरोगा घायल हुए हैं।