लखनऊ। डंडहिया मार्केट स्थित नीरा नर्सिंग होम के पास सोमवार को एक पुरानी और जर्जर इमारत गिरने की सूचना मिलने पर शहर का प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके की गंभीरता को देखते हुए विधान परिषद (एमएलसी) रामचंद्र सिंह प्रधान, महापौर सुषमा खर्कवाल, और नगर आयुक्त गौरव कुमार तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
स्थल पर मौजूद अधिकारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जिस इमारत का एक हिस्सा गिरा है, वह बेहद जर्जर हो चुकी थी और वहां रह रहे लोगों व आसपास की दुकानों के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी थी। सौभाग्यवश कोई जानमाल की क्षति नहीं हुई, लेकिन प्रशासन ने इसे एक चेतावनी के रूप में लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
महापौर ने दिया तत्काल विधिक कार्रवाई का आदेश :
निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन स्वामी को तत्काल नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐसे किसी भी भवन को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो आम नागरिकों के जीवन को खतरे में डालता हो।”
महापौर ने यह भी कहा कि यदि भवन स्वामी द्वारा दिए गए समय में इमारत को स्वेच्छा से नहीं गिराया गया, तो नगर निगम स्वयं विधिक प्रक्रिया के तहत इमारत को ध्वस्त करेगा। साथ ही उन्होंने इस प्रकार की लापरवाही पर भविष्य में भारी जुर्माना और कानूनी कार्यवाही की चेतावनी भी दी।
नगर आयुक्त ने बताया—पूरे शहर में जर्जर भवनों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जानकारी दी कि नगर निगम लखनऊ द्वारा शहर भर में स्थित जर्जर भवनों की पहचान का अभियान तेज़ कर दिया गया है।
“हमने एक विशेष टास्क फोर्स गठित की है जो हर वार्ड में जाकर जर्जर इमारतों की सूची तैयार कर रही है। इसके आधार पर सभी भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे,” उन्होंने कहा। नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य है कि किसी भी नागरिक की जान किसी भी अप्रत्याशित भवन दुर्घटना में न जाए। इस पूरी कार्रवाई में स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, और नगर नियोजन विभाग की भूमिका भी अहम रहेगी।

सुरक्षा के मद्देनज़र सड़क बंद, लोगों को दी गई चेतावनी :
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस बल की सहायता से उक्त इमारत के सामने की सड़क को बंद कर दिया है ताकि कोई भी राहगीर या वाहन वहां से न गुजर सके। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि स्थानीय लोगों को इलाके से दूर रहने की सलाह दी जाए और किसी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी भी नगर निगम की तत्परता से संतुष्ट नजर आए और उन्होंने कहा कि अगर समय रहते यह कार्रवाई नहीं की जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। एमएलसी रामचंद्र सिंह प्रधान ने चिंता जताई। मौके पर मौजूद एमएलसी श्री रामचंद्र सिंह प्रधान ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी वार्ड या क्षेत्र में जर्जर भवनों की रिपोर्ट आने पर तुरंत जांच की जाए और ऐसी इमारतों को चिन्हित कर तत्काल विधिक कार्यवाही की जाए।
अभियान को लेकर प्रशासन की योजना
- सभी वार्डों में जर्जर भवनों की सूची तैयार की जाएगी
- चिन्हित भवनों को पहले नोटिस, फिर अंतिम चेतावनी
- समयसीमा के भीतर इमारत गिराने की बाध्यता
- नियमों की अनदेखी पर नगर निगम स्वयं कार्रवाई करेगा
- भवन गिराने की लागत संबंधित भवन स्वामी से वसूली जाएगी