प्रयागराज में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक टू-सीटर माइक्रोलाइट विमान अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान केपी कॉलेज के पीछे स्थित एक तालाब में जा गिरा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसा तकनीकी खराबी के चलते हुआ। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने आसमान में विमान को असामान्य तरीके से डगमगाते हुए देखा। कुछ ही सेकंड बाद विमान से दो पैराशूट खुलते नजर आए। दोनों पायलट समय रहते विमान से छलांग लगाकर हवा में तैरने लगे। इसके कुछ ही क्षण बाद विमान जोरदार आवाज के साथ तालाब के बीचोंबीच गिर गया। तालाब में पानी होने के कारण विमान में आग नहीं लगी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के समय तालाब के पास रेलवे पटरी पर मौजूद लोगों ने देखा कि दोनों पायलट पानी में सुरक्षित उतरे हैं और हाथ हिलाकर मदद मांग रहे हैं। यह दृश्य देखते ही आसपास मौजूद लोग बिना देर किए तालाब की ओर दौड़ पड़े। कई साहसी युवाओं ने पानी में कूदकर तैरते हुए पायलटों तक पहुंच बनाई और उन्हें कंधों पर बैठाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विमान संगम की दिशा से आ रहा था और अचानक उसमें तकनीकी गड़बड़ी नजर आने लगी। कुछ ही देर में दुर्घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम और सेना का एक हेलीकॉप्टर भी मौके पर पहुंच गया।
डीसीपी सिटी ने जानकारी दी कि दोनों पायलटों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल सेना की टीम तालाब से विमान को बाहर निकालने का प्रयास कर रही है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
पायलटों ने पैराशूट से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, स्थानीय लोग बने मददगार
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटनाग्रस्त माइक्रोलाइट विमान सेना का था या किसी निजी कंपनी का। इस संबंध में सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल सकेगा।