स्वयंभू ज्योतिषी और अंकशास्त्री अशोक खरात, और वो “कैप्टन” के नाम से भी जाना जाता है, गंभीर आरोपों जिनमें यौन शोषण, ब्लैकमेल और वित्तीय धोखाधड़ी शामिल हैं, के बाद एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गए हैं। एक स्थानीय अदालत ने हाल ही में उनकी पुलिस हिरासत 1 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी है, जबकि जांच जारी है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और निजी जीवन
62 वर्षीय अशोक खरात ने अपने निजी जीवन को काफी हद तक गोपनीय रखा है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक जांच के दायरे में आ गई है।
पत्नी: उनकी शादी कल्पना खरात से हुई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने पति का बचाव करते हुए आरोपों को निराधार बताया और कहा कि ज्योतिष में उनकी रुचि केवल एक शौक थी।
पृष्ठभूमि: ज्योतिषी के रूप में प्रसिद्ध होने से पहले, खरात मर्चेंट नेवी में काम करते थे। उनके इस पूर्व पेशे के कारण ही उन्हें “कैप्टन” का उपनाम मिला, जो बाद में उनकी सार्वजनिक पहचान का हिस्सा बन गया।
संपत्ति: जांच एजेंसियां उनसे जुड़े बड़े संपत्ति नेटवर्क की जांच कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनका संबंध लगभग 52 संपत्तियों से है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹1,000 करोड़ बताई जा रही है।
आरोप और गिरफ्तारी
यह मामला तब शुरू हुआ जब 35 वर्षीय एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें 2022 से शुरू होकर तीन वर्षों तक बार-बार यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया। पुलिस जांच के अनुसार, खरात ने कथित रूप से एक आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में अपने प्रभाव का उपयोग कर पीड़ितों को भ्रमित और शोषित किया।
अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने कथित तौर पर “मंत्रित जल” के रूप में पदार्थों का उपयोग कर पीड़ितों को अस्थिर किया, जिसके बाद उनके साथ दुष्कर्म किया गया। उनकी संपत्तियों, जिनमें धार्मिक स्थल भी शामिल हैं, पर तलाशी के दौरान पुलिस को 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले, जिनका उपयोग कथित रूप से ब्लैकमेल के लिए किया जाता था।
डर का माहौल और धोखाधड़ी
विशेष जांच दल (SIT) के अनुसार, खरात ने ग्राहकों में डर पैदा करने के लिए जटिल तरीके अपनाए। इनमें कृत्रिम सांप और अनुष्ठानिक सामग्री जैसे प्रतीकात्मक वस्तुओं का उपयोग शामिल था, ताकि पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया जा सके कि वे किसी अलौकिक खतरे में हैं।
इसके बाद वह महंगे “उपाय” पेश करते थे, जैसे सामान्य वस्तुओं उदाहरण के लिए इमली के बीज को पवित्र बताकर ₹10,000 से ₹1 लाख तक में बेचना। कुछ मामलों में, पीड़ितों को कथित तौर पर अनुष्ठान करने के बहाने महंगे विदेशी दौरों के लिए धन देने के लिए भी राजी किया गया।
राजनीतिक प्रभाव
इस मामले के राजनीतिक प्रभाव भी सामने आए हैं। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने खरात के साथ अपने संबंधों के वीडियो सामने आने के बाद इस्तीफा दे दिया। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि ये वीडियो पुराने हैं और खरात परिवार को आध्यात्मिक मार्गदर्शक बताया।
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में, अशोक खरात के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। SIT अपनी जांच जारी रखे हुए है, और बताया जा रहा है कि और भी पीड़ित सामने आ रहे हैं।
नोट: मामला जांच के अधीन है, और सभी आरोप कानूनी सत्यापन के अधीन हैं।