बुलंदशहर : यूपी STF ने बुलंदशहर में एक लाख के इनामी डकैत विनोद गड़ेरिया को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। STF नोएडा यूनिट और डकैत के बीच शुक्रवार की देर शाम बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में मुठभेड़ हुई। जवानों ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। STF जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान गोली लगने से विनोद गड़ेरिया घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। उनका इलाज चल रहा है। 12 घंटे के भीतर यूपी पुलिस ने आज दो बदमाश को मार गिराया। शुक्रवार तड़के फिरोजाबाद में पुलिस ने 50 हजार का इनामी राजू खान को एनकाउंटर में ढेर किया था। वहीं, मार्च 2017 से मई 2025 तक यूपी में 228 बदमाश एनकाउंटर में मारे गए हैं। जबकि 18 पुलिसकर्मी शहीद हुए।
नोएडा STF यूनिट के SP राजकुमार मिश्रा ने बताया, बदमाश बड़ी घटना को अंजाम देने जा रहे थे। सूचना पर STF टीम ने बदमाश को ट्रेस किया। टीम को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। जब टीम ने आत्मरक्षा में फायरिंग की तो एक बदमाश विनोद गड़ेरिया को गोली लग गई। उसे अस्पताल लाया गया। यहां उसकी मौत हो गई। बदमाश के पास भारी मात्रा में कारतूस, असलहा और बाइक मिली है। फरार साथियों की तलाश की जा रही है।
डकैत विनोद गड़ेरिया शामली में कैराना क्षेत्र के इसोपुर खुरगान गांव का रहने वाला था। वह मुजफ्फरनगर में डकैती के 6 से अधिक मामलों में वांटेड था। डकैती की सभी वारदात उसने 2024 में की थी। उसके जिंदा या मुर्दा पकड़े जाने पर ADG मेरठ जोन ने अप्रैल, 2025 में एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। उसके साथी अजयवीर पर 50 हजार और 12 गैंग मेंबर्स पर 25-25 हजार का इनाम रखा था।
विनोद 2006 से अपराध की दुनिया में था। उसके खिलाफ डकैती, हत्या और लूट जैसे 40 से ज्यादा मुकदमे मुजफ्फरनगर, शामली और बागपत के थानों में दर्ज हैं। 2012 में दर्ज एक डकैती केस में कोर्ट ने उसे 7 साल की सजा भी सुनाई थी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कार्रवाई कर रही है। फरवरी 2025 में मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में पुलिस और क्राइम ब्रांच की गैंग से मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी अजयपाल उर्फ अजयवीर ढेर कर दिया गया था। लेकिन विनोद गड़ेरिया और उसका साथी संदीप मौके से फरार हो गए थे।
STFऔर पुलिस की टीमें विनोद गड़ेरिया की तलाश में लगी थीं। विनोद शामली और उसका साथी संदीप मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव भंडूर का रहने वाला है। विनोद गड़ेरिया गैंग में कुल 15 डकैत हैं। ये गैंग दिन में गांवों और शहर के बाहरी इलाकों में बने मकानों की रेकी करते हैं। रात में जंगल के रास्ते पहुंचकर डकैती की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
गैंग के सदस्य मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते। इससे उनकी ट्रेसिंग करने में पुलिस को मुश्किल होती है। गैंग सुनियोजित तरीके से काम करता है। पहले टारगेट तय किए जाते हैं, फिर रात में घरों में घुसकर परिवार को बंधक बनाकर डकैती की जाती है। डकैती के बाद बदमाश जंगलों के रास्ते कई किलोमीटर दूर निकल जाते हैं। गैंग का सरगना विनोद गडरिया अक्सर ठिकाना बदलता रहता था। पुलिस को चकमा देने में माहिर था। विनोद कई मुठभेड़ों के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। विनोद गड़ेरिया पर दर्ज 40 मुकदमे दर्ज हैं।