विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के गाजुवाका इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक बार फिर दिल्ली के श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड जैसी दरिंदगी दोहराई गई है। यहाँ एक शख्स ने अपनी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शरीर के कई टुकड़े किए और उन्हें फ्रिज में छिपा दिया। यह मामला न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि रिश्तों में बढ़ती हिंसा और क्रूरता की एक डरावनी तस्वीर भी है।
35 वर्षीय रवींद्र, जो मूल रूप से विजयनगरम का रहने वाला था, अपनी पत्नी के साथ विशाखापत्तनम में रह रहा था। हालांकि, शादीशुदा होने के बावजूद उसका मोनिका नाम की 29 वर्षीय महिला के साथ प्रेम संबंध चल रहा था। पिछले कुछ हफ्तों से रवींद्र की पत्नी अपने मायके गई हुई थी, और इसी बीच उसने मोनिका को अपने घर बुलाया। रविवार की वह दोपहर मोनिका के लिए उसकी जिंदगी की आखिरी दोपहर साबित हुई।
शुरुआती जांच और पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि रविवार शाम को दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई। देखते ही देखते यह मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। गुस्से में अंधे होकर रवींद्र ने चाकू से गोदकर मोनिका की जान ले ली। हैवानियत यहीं खत्म नहीं हुई; पकड़े जाने के डर से रवींद्र ने मोनिका के बेजान शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उसने कुछ अंगों को बैग में भरकर सुनसान जगह पर ठिकाने लगा दिया, जबकि बाकी हिस्सों को अपने ही घर के फ्रिज में रख दिया ताकि बदबू न आए।
इस खौफनाक राज का पर्दाफाश तब हुआ जब आरोपी ने खुद थाने जाकर अपना जुर्म कबूल किया। जब पुलिस की टीम एलवी नगर स्थित उसके घर पहुंची, तो वहां का नजारा देख अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। घर के अंदर और फ्रिज से शव के हिस्से बरामद हुए। हालांकि, पुलिस को अभी तक मोनिका का सिर नहीं मिला है। संदेह है कि रवींद्र ने उसे कहीं और दूर फेंक दिया है, जिसकी तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
पुलिस अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि आखिर वह कौन सी बात थी जिसने एक प्रेमी को इतना बड़ा कसाई बना दिया। क्या यह हत्या अचानक हुई बहस का नतीजा थी या फिर रवींद्र ने पहले से ही इसकी साजिश रची थी? मोनिका के परिवार के लिए यह दुख असहनीय है, जिन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके घर की बेटी का ऐसा दुखद अंत होगा।