लखनऊ: राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे (धारदार पतंग का धागा) के चलते पिछले कुछ दिनों में लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। शनिवार और रविवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग हादसों में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इन हादसों में लोगों को नाक, आंख और माथे पर गहरी चोटें आई हैं, जिससे प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।
हादसों की सिलसिला
बालागंज निवासी और यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के कार्यालय सचिव विमलेश तिवारी शनिवार शाम अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे कुड़ियाघाट के पास बाइक चला रहे थे, उनके सामने अचानक चाइनीज मांझे की धार निकल गई। इससे उनकी नाक और आंख के पास गंभीर कट लग गया। राहगीरों की मदद से उन्हें फैजुल्लागंज स्थित उनके भाई के साथ तुरंत तहसीनगंज ब्रजराज अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी नाक पर चार टांके लगाए।
रविवार को ठाकुरगंज के कुड़ियाघाट स्थित ब्लिंकिट में काम कर रहे गुड्डु बाइक से सड़क पर जा रहे थे, तभी मांझे की धार उनके नाक पर कट लग गई। खून बहते देखकर वह जमीन पर बैठ गए। राहगीरों ने उन्हें नजदीकी क्लीनिक में भर्ती कराया।
इसी दिन व्यवसायी मुकेश वर्मा अपनी पत्नी मोनिका के साथ किसी काम से जा रहे थे। नाका फ्लाईओवर के पास चाइनीज मांझे की चपेट में आने से उनकी आंख के पास गहरा कट लग गया। राहगीरों ने तुरंत दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
फूलबाग निवासी 12वीं के छात्र आकिब शनिवार शाम बाइक से अमीनाबाद जा रहे थे, जब हीवेट रोड बंगाली क्लब के पास मांझे की धार उनके माथे से भौंह तक लगभग आठ इंच लंबा कट कर गई। आनन-फानन में राहगीरों ने उन्हें भी अस्पताल पहुंचाया।
चार दिन में पांच हादसे
पिछले चार दिनों में राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझे से कुल पांच गंभीर हादसे सामने आए हैं। इनमें हैदरगंज ओवरब्रिज पर गर्दन कटने से मोहम्मद शोएब (33) की मौत, शहीद पथ इकाना हॉस्पिटल के पास रिटायर्ड सैन्यकर्मी बृजेश राय के चेहरे पर कट, गोमतीनगर विस्तार में बिजली विभाग के कर्मचारी सुधीर घायल, चौक में हाईस्कूल छात्र नजम खान की गर्दन कटना, और कुड़ियाघाट के पास उद्योग व्यापार मंडल के सचिव विमलेश तिवारी घायल होना शामिल हैं।
प्रशासन और जनता से अपील
यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे और धातु मिश्रित धारदार मांझे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल सूती धागे से बनी डोर का उपयोग करें और सड़क किनारे पतंग उड़ाने से बचें। इसके अलावा, उन्होंने सरकार से ऑनलाइन बिकने वाले चाइनीज मांझों पर भी निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
सावधानी और जिम्मेदारी की आवश्यकता
इन हादसों से यह स्पष्ट हो गया है कि चाइनीज मांझे केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। राजधानी में लगातार घायल होने वाले लोग और मौतें प्रशासन और आम जनता के लिए चेतावनी हैं कि सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लिया जाए। लोगों से अपील है कि वे बच्चों को भी इस तरह की खतरनाक डोर से बचाएं और पतंग उड़ाते समय दूरी और सावधानी बरतें।
लखनऊ में चाइनीज मांझे की वजह से बढ़ते हादसे न केवल व्यक्तिगत नुकसान का कारण बन रहे हैं, बल्कि शहर में सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को भी उजागर कर रहे हैं। प्रशासन और जनता की सक्रिय भागीदारी ही इन हादसों को रोकने और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगी।