पटना में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर ठगी के लिए अवैध रूप से संचालित किए जा रहे कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 15 महिलाएं और 7 पुरुष शामिल हैं। यह कार्रवाई पटना के सगुना मोड़, रूपसपुर और एक अन्य इलाके में की गई। इस संबंध में मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को साइबर थाना की डीएसपी संगीता ने मीडिया को आधिकारिक जानकारी दी।
सूचना के आधार पर बनाई गई संयुक्त टीम
डीएसपी संगीता ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई की ओर से साइबर थाना को सूचना मिली थी कि सगुना मोड़ और रूपसपुर क्षेत्र में अवैध रूप से कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पटना साइबर थाना और आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। इसके बाद तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
उन्होंने कहा, “तीनों स्थानों पर की गई कार्रवाई में कुल 22 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 15 महिलाएं और 7 पुरुष शामिल हैं।”
IRCTC डेटा के दुरुपयोग का आरोप
डीएसपी संगीता के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी आईआरसीटीसी (IRCTC) से संबंधित डाटा को अवैध रूप से डाउनलोड करते थे। इसके बाद इस डाटा के आधार पर आम नागरिकों को कॉल कर उन्हें विभिन्न सेवाओं के नाम पर भ्रमित किया जाता था।
उन्होंने बताया कि सोमवार, 2 फरवरी 2026 को आर्थिक अपराध इकाई की ओर से साइबर थाना को इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना दी गई थी, जिसके बाद अगले ही दिन छापेमारी की कार्रवाई की गई।
आधार कार्ड और सरकारी सेवाओं के नाम पर ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को कभी आधार कार्ड सेंटर, तो कभी अन्य सरकारी या गैर-सरकारी सेवाओं से जुड़ा कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके जरिए वे लोगों की व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
डीएसपी संगीता ने कहा कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग विभिन्न साइबर कैफे से आम नागरिकों का व्यक्तिगत डाटा अवैध रूप से प्राप्त करते थे और फिर उसी डाटा का इस्तेमाल कर ठगी की जाती थी।
छापेमारी में भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, तीनों ठिकानों से:
- 19 लैपटॉप
- 1 डेस्कटॉप कंप्यूटर
- 53 मोबाइल फोन
- 12 एटीएम कार्ड
जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, साइबर ठगी से जुड़े अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण कागजात भी पुलिस के कब्जे में लिए गए हैं।
कई लोगों के ठगी का शिकार होने की आशंका
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कई लोगों को अपने जाल में फंसाया होगा। हालांकि, ठगी की कुल राशि और पीड़ितों की संख्या को लेकर विस्तृत जांच अभी जारी है।
डीएसपी संगीता ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जांच जारी, आगे और खुलासे संभव
पटना पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि मामले में तकनीकी जांच की जा रही है और जब्त किए गए उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान और भी गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस संयुक्त कार्रवाई को पटना में साइबर अपराध के खिलाफ एक अहम कदम माना जा रहा है।