भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अमेरिकी कृषि सचिव का बयान, भारत ने कृषि हितों पर दोहराया रुख

Priyanshu Kumari
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर दोनों देशों की प्रतिक्रियाएं

भारत और अमेरिका के बीच घोषित व्यापार समझौते को लेकर दोनों देशों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिंस ने कहा है कि इस समझौते से भारत के बाजार में अमेरिकी कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और इससे ग्रामीण अमेरिका में नकदी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।

ब्रूक रोलिंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नए अमेरिका-भारत समझौते से भारत के विशाल बाजार तक अमेरिकी कृषि उत्पादों की पहुंच आसान होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था और यह समझौता इस घाटे को कम करने में मदद करेगा।

उन्होंने व्हाइट हाउस की एक पोस्ट भी साझा की, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई। पोस्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी रूसी तेल की खरीद कम करने और अमेरिका से तेल आयात बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

हालांकि, भारतीय पक्ष ने कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। उच्च स्तरीय सूत्रों के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय कृषि और डेयरी उत्पादों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। सरकार ने कहा है कि भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।

इस व्यापार समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर लगने वाला अमेरिकी टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने इसे भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

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