अजित पवार की ‘आख़िरी इच्छा’ एनसीपी विलय की अटकलें तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस से प्रमुख नेताओं की मुलाकात

Vin News Network
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अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बुधवार को एक विमान दुर्घटना में अचानक निधन के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके निधन के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। कई नेताओं का कहना है कि पार्टी के एकीकरण की इच्छा अजित पवार की “आख़िरी इच्छा” थी, जिसे वे अपने जीवनकाल में पूरा करना चाहते थे।

अजित पवार के नेतृत्व वाला एनसीपी गुट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ राज्य सरकार में शामिल था। वहीं, उनके चाचा शरद पवार और चचेरी बहन सुप्रिया सुले के नेतृत्व वाला एनसीपी (शरद पवार) गुट कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विपक्ष में है।

हालिया चुनावों में साथ आए थे दोनों गुट
हाल ही में हुए पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों में एनसीपी के दोनों गुटों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। इसके बाद दोनों पक्षों ने अगले महीने होने वाले ज़िला परिषद चुनावों में भी साथ बने रहने का निर्णय लिया। इस दौरान अजित पवार ने कथित तौर पर कुछ पत्रकारों से कहा था कि वह शरद पवार के स्वस्थ रहते हुए पार्टी के दोनों गुटों के विलय के इच्छुक हैं।

रिक्त हुए विभाग और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल
अजित पवार राज्य सरकार में वित्त, योजना और राज्य उत्पाद शुल्क जैसे महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार संभाल रहे थे। इसके अलावा उनके पास खेल एवं युवा कल्याण तथा अल्पसंख्यक विकास विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी थी। उनके निधन के बाद ये सभी विभाग फिलहाल रिक्त हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शीघ्र फेरबदल की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि अजित पवार गुट की एनसीपी सरकार में अपने कोटे के तहत इन विभागों पर दावा कर सकती है। पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र सौंपे जाने की संभावना है, जिसमें अजित पवार के पास रहे विभाग एनसीपी को दिए जाने की मांग की जाएगी। इस संबंध में अंतिम रुख शुक्रवार देर शाम या शनिवार तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री फडणवीस से एनसीपी नेताओं की बैठक
शुक्रवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे ने मुंबई स्थित वर्षा बंगले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि यह बैठक अजित पवार के विभागों को लेकर थी। उन्होंने कहा, “हम जल्द ही एनसीपी के विलय पर निर्णय लेंगे। हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है और अजित पवार के परिवार से भी चर्चा करेंगे।”

इसी बीच, मुख्यमंत्री फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भी गुरुवार रात वर्षा बंगले में बैठक की।

विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया
एनसीपी ने शनिवार को अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाने का फैसला किया है, जिसमें विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। छगन भुजबल ने कहा, “लगभग सभी चाहते हैं कि सुनेत्रा जी को विधायक दल का नेता चुना जाए। यदि ऐसा होता है, तो शपथ ग्रहण की तैयारी जल्द शुरू हो सकती है।” सुनील तटकरे ने यह भी संकेत दिया कि सुनेत्रा पवार के नाम पर उपमुख्यमंत्री पद के लिए भी विचार हो सकता है।

विलय को लेकर अलग-अलग बयान
एनसीपी के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “दोनों गुटों के विलय की इच्छा अजित पवार की थी। उन्होंने इस दिशा में काम शुरू कर दिया था। अब, उनके न रहने पर हमें इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए।” वहीं, छगन भुजबल ने कहा कि उन्हें फिलहाल विलय को लेकर कोई जानकारी नहीं है।

अजित पवार के चार दशकों से करीबी सहयोगी रहे किरण गुजर ने पीटीआई को बताया कि अजित पवार दोनों गुटों के विलय को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध थे और अगले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी होने वाली थी। उन्होंने कहा कि शरद पवार और सुप्रिया सुले सहित अन्य नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही थी।

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