Gold and Silver Rates Today, January 29: भारतीय सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने और चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेज़ी, सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और रुपये की कमजोरी के बीच देश में सोना 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया, जबकि चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर कारोबार करती दिखी। इस तेजी ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान खींचा है।
घरेलू बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर सोना-चांदी
मुंबई सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,78,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं 22 कैरेट सोना 1,63,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध रहा। ये दरें जीएसटी और मेकिंग चार्ज से अलग हैं।
चांदी की बात करें तो स्पॉट मार्केट में इसकी कीमत 4,10,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताज़ा भाव
29 जनवरी को देश के बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं (₹ प्रति 10 ग्राम):
दिल्ली और जयपुर में 22 कैरेट सोना 1,64,100 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,79,000 रुपये रहा।
अहमदाबाद में 22 कैरेट सोने का भाव 1,64,000 रुपये और 24 कैरेट का 1,78,900 रुपये दर्ज किया गया।
पुणे, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में 22 कैरेट सोना 1,63,950 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,78,750 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहा समर्थन
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई। अमेरिकी बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.7 प्रतिशत उछलकर 5,542.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि कारोबार के दौरान यह 5,591.61 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक गया।
चांदी भी 120 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई। यह तेजी वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने का संकेत देती है।
विशेषज्ञों की राय
रॉयटर्स के अनुसार, मारेक्स के विश्लेषक एडवर्ड मेयर ने कहा, “अमेरिका के बढ़ते कर्ज और वैश्विक व्यापार व्यवस्था के क्षेत्रीय ब्लॉकों में बंटने के संकेतों से पैदा अनिश्चितता निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रही है।”
ओसीबीसी (OCBC) के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा कि सोना अब केवल संकट या महंगाई से बचाव का साधन नहीं रहा, बल्कि इसे एक भरोसेमंद मूल्य संरक्षण और विविधीकरण देने वाली संपत्ति के रूप में देखा जा रहा है।
रुपये की कमजोरी का असर
घरेलू स्तर पर कीमतों में उछाल का एक बड़ा कारण रुपये में गिरावट भी है। 29 जनवरी को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 92.00 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। एशियाई मुद्राओं में कमजोरी और डॉलर की मजबूती का असर सीधे आयातित धातुओं की कीमतों पर पड़ा।
भारत में सोने की कीमतें क्यों बदलती हैं
भारत में सोने की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय दरों, आयात शुल्क, करों और रुपये-डॉलर विनिमय दर पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा घरेलू मांग, त्योहारों और शादियों का मौसम भी कीमतों को प्रभावित करता है।
भारत में सोना न केवल निवेश का साधन है, बल्कि सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व भी रखता है। यही कारण है कि कीमतों में हर उतार-चढ़ाव पर निवेशक और उपभोक्ता दोनों करीबी नजर रखते हैं।