मालाड स्टेशन पर हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान आलोक सिंह के रूप में हुई है, जो विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में प्रोफेसर थे। यह घटना शनिवार को मालाड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 के बीच हुई।
आलोक सिंह और आरोपी ओंकार शिंदे दोनों एक ही लोकल ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के मालाड स्टेशन पहुंचने से पहले डिब्बे के गेट पर यात्रियों के चढ़ने और उतरने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप
GRP अधिकारियों ने बताया कि लोकल ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर उतरते ही ओंकार शिंदे ने अपना आपा खो दिया और अपने पास रखे धारदार चाकू से आलोक सिंह के पेट पर कई वार कर दिए।
चाकू लगने से आलोक सिंह प्लेटफॉर्म पर ही गिर पड़े और खून से लथपथ हो गए। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
CCTV फुटेज से मिली अहम जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही बोरीवली GRP ने जांच शुरू की। स्टेशन परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
पुलिस के अनुसार, कैमरों में एक व्यक्ति सफेद शर्ट और नीली जींस पहने हुए फुट ओवर ब्रिज (FOB) से भागते हुए दिखाई दिया। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया।
वसई से हुई गिरफ्तारी
तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के विश्लेषण के बाद GRP ने आरोपी ओंकार शिंदे को वसई इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया,
“हमें CCTV फुटेज में आरोपी की स्पष्ट तस्वीर मिली थी। तकनीकी जांच और अन्य इनपुट के आधार पर उसे वसई से गिरफ्तार किया गया।”
पुलिस ने बताया कि आरोपी की उम्र 27 वर्ष है और उससे पूछताछ की जा रही है।
हत्या की वजह को लेकर जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में ट्रेन के गेट पर उतरने को लेकर हुआ विवाद ही हत्या की तत्काल वजह सामने आई है। हालांकि, हमले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
एक अधिकारी ने कहा,
“प्राथमिक जानकारी के अनुसार विवाद ट्रेन से उतरने को लेकर हुआ था, लेकिन इतनी बेरहमी से हमला किए जाने के पीछे कोई और कारण तो नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।”
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी और मृतक के बीच पहले से कोई जान-पहचान या रंजिश थी या नहीं।
पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव
आलोक सिंह के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और हमले की प्रकृति को लेकर आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
GRP ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर मुंबई के लोकल रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों यात्री रोजाना लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं और इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता पैदा करती हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।