अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने आक्रामक बयान से वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस बार उनका निशाना बना है पड़ोसी देश कनाडा। ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा है कि अगर कनाडा अमेरिका समर्थित सुरक्षा योजनाओं से दूरी बनाकर चीन के साथ ज्यादा नजदीकियां बढ़ाता है, तो चीन उसे एक साल के भीतर “निगल जाएगा”।
ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब कनाडा ने ग्रीनलैंड के ऊपर प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट को लेकर आपत्ति जताई है। यह परियोजना अमेरिका की एक रणनीतिक सुरक्षा योजना मानी जा रही है, जिसे ट्रंप प्रशासन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बता रहा है।
गोल्डन डोम परियोजना को लेकर नाराज ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कनाडा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि कनाडा ग्रीनलैंड के ऊपर गोल्डन डोम बनाए जाने का विरोध कर रहा है, जबकि यह परियोजना न केवल अमेरिका बल्कि कनाडा की सुरक्षा को भी मजबूत करती। ट्रंप के मुताबिक, यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम उत्तरी अमेरिका को संभावित खतरों से बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि सुरक्षा सहयोग को प्राथमिकता देने के बजाय कनाडा ने चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों को तरजीह दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि चीन पहले ही साल में कनाडा को खत्म कर देगा। ट्रंप का यह बयान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें भू-राजनीतिक दबाव की झलक भी साफ दिखाई दी।
अमेरिका-कनाडा रिश्तों में बढ़ता तनाव
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में पहले से ही तल्खी देखी जा रही है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार, टैरिफ और सुरक्षा नीतियों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।
हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि दुनिया अब बड़े देशों की प्रतिस्पर्धा के दौर में प्रवेश कर चुकी है और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। उनके इस बयान को अमेरिका की टैरिफ नीति और दबाव वाली कूटनीति के खिलाफ एक अप्रत्यक्ष टिप्पणी के तौर पर देखा गया।
मार्क कार्नी पर ट्रंप का सीधा वार
डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में दिए अपने एक भाषण में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर भी सीधा हमला बोला था। ट्रंप ने कहा था कि कनाडा को अमेरिका का आभारी होना चाहिए, क्योंकि अमेरिका उसे सुरक्षा जैसी कई सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराता है।
उन्होंने यहां तक कहा कि कनाडा की सुरक्षा काफी हद तक अमेरिका पर निर्भर है और उसे यह बात भूलनी नहीं चाहिए। ट्रंप के इस बयान को कनाडा की संप्रभुता और स्वतंत्र विदेश नीति पर सवाल उठाने के रूप में देखा गया, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया।
चीन-कनाडा नजदीकियों से अमेरिका की चिंता
इस पूरे विवाद के केंद्र में कनाडा और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियां भी हैं, जो अमेरिका को लगातार परेशान कर रही हैं। 17 जनवरी को प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चीन के साथ एक नए व्यापार समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत कनाडा को लगभग 7 अरब डॉलर के नए निर्यात अवसर मिलने की उम्मीद जताई गई है।
कनाडा सरकार का कहना है कि मौजूदा अनिश्चित वैश्विक माहौल में वह अपने व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाना चाहता है और चीन इस रणनीति का एक अहम हिस्सा हो सकता है। इसी नीति के तहत कनाडा ने चीन के साथ आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
टैरिफ में कटौती और व्यापारिक समझौते
इस नए समझौते के तहत कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए 100 फीसदी टैरिफ में कटौती करने पर सहमति जताई है। इसके बदले में चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों, खासकर कैनोला बीज पर लगने वाले टैरिफ को 84 फीसदी से घटाकर करीब 15 फीसदी करने का फैसला किया है।
इसके अलावा, चीन से कनाडा आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या पर भी एक सीमा तय की गई है, ताकि घरेलू बाजार पर अधिक दबाव न पड़े। कनाडा सरकार इसे संतुलित और व्यावहारिक व्यापार नीति बता रही है।
कार्नी का बयान, वॉशिंगटन की बढ़ी बेचैनी
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में यह कहकर वॉशिंगटन की चिंता और बढ़ा दी कि मौजूदा परिस्थितियों में चीन, अमेरिका की तुलना में एक अधिक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। उनके इस बयान को अमेरिका में गंभीरता से लिया गया है और इसे रणनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलहाल कनाडा को अमेरिकी टैरिफ का भी सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका ने कनाडा से आने वाली धातुओं पर 50 फीसदी और गैर-अमेरिकी कारों पर 25 फीसदी तक का शुल्क लगा रखा है। इन आर्थिक दबावों के बीच चीन के साथ बढ़ता सहयोग अमेरिका-कनाडा रिश्तों को और जटिल बना रहा है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती अनिश्चितता
ट्रंप का कनाडा को लेकर दिया गया बयान केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक शक्ति संरचना की झलक भी है। एक तरफ अमेरिका अपने पारंपरिक सहयोगियों से पूर्ण समर्थन की अपेक्षा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर देश अपने आर्थिक हितों के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं। इस टकराव ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और अधिक अस्थिर बना दिया है।