ईरान में जारी राजनीतिक और सामाजिक अशांति के बीच, केंद्र सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन निकासी की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पहले समूह के भारतीय नागरिकों को कल ही देश वापस लाने की संभावना है। इस बीच, परिवारों और छात्रों के बीच चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि कई लोग देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं और उनकी सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
केंद्र सरकार ने अपने स्तर पर छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है। इस योजना के तहत पहले चरण में छात्रों और अन्य नागरिकों की सूची तैयार की जा रही है, जिसमें उनकी पहचान, वर्तमान स्थान और यात्रा दस्तावेज़ों की जानकारी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, पहले दल को सुबह 8 बजे तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी संबंधित दस्तावेज़, पासपोर्ट और अन्य आवश्यक कागजात तैयार रखने के लिए कहा गया है, ताकि निकासी प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
निकासी के लिए आवश्यक अनुमतियाँ भारत और ईरान दोनों पक्षों से ली जा रही हैं। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, स्थिति के अनुरूप तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयारियां लगातार समीक्षा के तहत हैं। निकासी योजना में सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है, जैसे कि वायुयान की उपलब्धता, हवाई मार्ग की सुरक्षा, ईरान में स्थानीय प्रशासन से समन्वय और यात्रियों की प्राथमिक चिकित्सा या आपातकालीन सहायता।
भारतीय दूतावास, तेहरान, ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे छात्रों की जानकारी एकत्र करना शुरू कर दी है। हालांकि, कई क्षेत्रों में इंटरनेट बंद होने के कारण संपर्क और जानकारी एकत्र करने में कठिनाई हो रही है। इससे परिवार और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया है।
ईरान में पिछले महीने से जारी विरोध प्रदर्शन की शुरुआत आर्थिक कारणों से हुई थी, जब ईरानी मुद्रा रियाल अपने निचले स्तर पर पहुंच गई। आर्थिक संकट के कारण शुरू हुई यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल गया है और राजनीतिक बदलाव की मांग में बदल गया है। देश की सभी 31 प्रांतों में प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन जारी हैं। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, इस हिंसक कार्रवाई में अब तक कम से कम 3,428 लोग मारे जा चुके हैं, और हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं।
वर्तमान अनुमानों के अनुसार, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें छात्र, व्यवसायी, तीर्थयात्री और अन्य नागरिक शामिल हैं। इन नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए, भारत सरकार ने सभी भारतीयों को ईरान छोड़ने और केवल आवश्यक कारणों से ही देश में रहने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास ने विशेष रूप से छात्रों, तीर्थयात्रियों और पर्यटन पर आए लोगों को चेताया है कि वे उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों या अन्य सुरक्षित साधनों का उपयोग कर देश से बाहर निकलें।
सूत्रों ने बताया कि निकासी योजना में छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। छात्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी यात्रा से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें और स्थानीय प्रशासन से संपर्क बनाए रखें। इसके अलावा, उड़ानों की समय-सारिणी और यात्रा मार्ग की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार की योजना में यह भी ध्यान रखा गया है कि फंसे हुए नागरिकों की संख्या और उनके वर्तमान स्थान के अनुसार निकासी दल का आकार और संसाधन तय किए जाएं। ऐसे नागरिक जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और स्वयं हवाई टिकट नहीं खरीद सकते, उनके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि निकासी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में तुरंत उपाय किए जाएंगे। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी नागरिक की जान या सुरक्षा खतरे में न पड़े।
ईरान में फंसे भारतीय छात्रों के परिवार अत्यंत चिंतित हैं। कई माता-पिता ने कहा कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हैं और यह कदम उनके लिए राहत की खबर है। छात्रों को निकासी के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उन्हें किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
निकासी के इस प्रयास के माध्यम से केंद्र सरकार यह संदेश देना चाहती है कि किसी भी संकट की स्थिति में अपने नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इससे न केवल फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की अपनी नागरिक सुरक्षा और कूटनीतिक तत्परता का उदाहरण भी प्रस्तुत होगा।
सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि निकासी के दौरान सभी नागरिकों की सुरक्षा, पहचान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, उनके सभी आवश्यक दस्तावेज़ और यात्रा साधन सुनिश्चित किए जाएंगे।
हालांकि, ईरान में हालात अभी भी अस्थिर हैं और प्रदर्शन लगातार जारी हैं। इसलिए, भारत सरकार की टीम ने तय किया है कि निकासी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अप्रत्याशित स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया की जा सके।
यह कदम भारतीय छात्रों और नागरिकों के लिए राहत की खबर के रूप में देखा जा रहा है, जो महीनों से राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता के बीच फंसे हुए थे। अब पहले दल की सुरक्षित निकासी के साथ ही केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी नागरिक जल्द से जल्द और सुरक्षित रूप से देश लौट सकें।