थाईलैंड में बड़ा रेल हादसा: हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट का क्रेन गिरा, ट्रेन पटरी से उतरी, 22 की मौत

Vin News Network
Vin News Network
7 Min Read
नाखोन रैचसीमा में निर्माणाधीन हाई-स्पीड रेल परियोजना का क्रेन गिरने से ट्रेन हादसे का शिकार हुई।

थाईलैंड में एक भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार सुबह एक निर्माणाधीन हाई-स्पीड रेल परियोजना के तहत काम कर रहा विशाल क्रेन अचानक गिर गया और उसी समय वहां से गुजर रही एक यात्री ट्रेन से टकरा गया। इस भयावह टक्कर के कारण ट्रेन पटरी से उतर गई और कुछ डिब्बों में आग लग गई। इस दुर्घटना में अब तक कम से कम 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं और कुछ देर तक ट्रेन के डिब्बों में फंसे रहे। यह हादसा थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित नाखोन रैचसीमा प्रांत के सिखियो जिले में हुआ। ट्रेन बैंकॉक से देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित उबोन रैचथानी प्रांत की ओर जा रही थी, तभी सुबह करीब 9:05 बजे यह दुर्घटना घटी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अनुसार, जिस समय क्रेन गिरा, उसी वक्त ट्रेन पुल के पास से गुजर रही थी, जिससे सीधे टक्कर हुई और ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। टक्कर के बाद कुछ हिस्सों में आग लग गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अंदर ही फंस गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेज धमाके की आवाज के साथ ट्रेन झटके से रुकी और डिब्बों में धुआं भर गया। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि कई लोग घायल अवस्था में अपनी सीटों पर ही फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और पुलिस, फायर ब्रिगेड तथा मेडिकल टीमों को सूचना दी। कुछ ही देर में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग को बुझाया गया। इसके बाद बचावकर्मियों ने डिब्बों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।

थाईलैंड के सरकारी जनसंपर्क विभाग ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के जरिए हादसे की जानकारी साझा की। विभाग ने बताया कि हाई-स्पीड रेल ब्रिज के निर्माण में लगा क्रेन अचानक गिर गया और चलती हुई यात्री ट्रेन पर आ गिरा, जिससे ट्रेन पटरी से उतर गई और आग लग गई। सरकारी बयान के अनुसार, इस हादसे में 30 से अधिक यात्री घायल हुए हैं और कई लोग डिब्बों के अंदर फंसे रहे, जिन्हें निकालने के लिए कई एजेंसियों की टीमें तैनात की गईं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।

हालांकि शुरुआत में कुछ रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 12 बताई गई थी, लेकिन बाद में समाचार एजेंसी एएफपी ने स्थानीय पुलिस प्रमुख थाचापोन चिननावोंग के हवाले से बताया कि इस हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है क्योंकि कुछ घायल यात्रियों की हालत नाजुक है। राहत कार्य के दौरान कई शव ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बों से निकाले गए। इस दुर्घटना ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि जिस क्रेन से हादसा हुआ, वह हाई-स्पीड रेल लाइन के लिए बनाए जा रहे एक पुल पर काम कर रहा था। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि तकनीकी खराबी या सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण क्रेन का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गया। हादसे के समय ट्रेन पूरी रफ्तार में थी, जिससे नुकसान और ज्यादा हो गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या निर्माण कार्य के दौरान तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था या नहीं।

इस दुर्घटना के बाद थाईलैंड में रेल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े निर्माण कार्यों के दौरान रेलवे ट्रैक के पास अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। विपक्षी दलों ने भी सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया गया और कहा गया कि सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे हादसे की गहन जांच करें और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाएं। इसके साथ ही रेलवे सेवाओं को अस्थायी रूप से प्रभावित रूट पर बंद कर दिया गया है और यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

घटना स्थल पर अब भी जांच और सफाई का काम जारी है। क्षतिग्रस्त ट्रेन के डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत में समय लग सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। यह हादसा न केवल थाईलैंड बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक छोटी सी चूक भी इतने बड़े जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *