क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री को अगवा करेंगे?’ पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर बवाल, भाजपा का पलटवार

Vin News Network
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डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला का जिक्र करते हुए पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर राजनीतिक विवाद तेज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर टिप्पणी करते हुए चव्हाण ने एक ऐसा सवाल उठाया, जिसे लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। चव्हाण ने यह कहते हुए सनसनी फैला दी कि क्या अमेरिका भारत के प्रधानमंत्री को “अगवा” कर सकता है, जैसा कि हालिया घटनाक्रम में वेनेजुएला में देखा गया। इस बयान के बाद सत्तारूढ़ भाजपा ने कांग्रेस पर भारत की संप्रभुता को कमजोर करने और विदेशी हस्तक्षेप को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

पृथ्वीराज चव्हाण भारत पर संभावित अमेरिकी टैरिफ के असर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाता है, तो भारत-अमेरिका व्यापार व्यावहारिक रूप से असंभव हो जाएगा। उनके अनुसार, इतने ऊंचे शुल्क का मतलब सीधे तौर पर भारतीय निर्यात को अमेरिकी बाजार से बाहर करना होगा। चव्हाण ने कहा कि भले ही औपचारिक प्रतिबंध न लगाया जाए, लेकिन टैरिफ को हथियार बनाकर व्यापार को रोका जा सकता है और इसका बोझ भारत को उठाना पड़ेगा।

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार से हाथ धोना पड़ा, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। चव्हाण के मुताबिक, जिन मुनाफों पर अब तक उद्योग और कारोबारी निर्भर थे, वे खत्म हो जाएंगे। ऐसे में भारत को नए और वैकल्पिक बाजारों की तलाश करनी होगी, और सरकार व उद्योग जगत पहले से ही इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

हालांकि, असली विवाद तब खड़ा हुआ जब चव्हाण ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वेनेजुएला का संदर्भ दे दिया। उन्होंने हाल की उस घटना का जिक्र किया जिसमें अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़े जाने की खबरें आई थीं। इसी संदर्भ में चव्हाण ने सवाल किया कि आगे क्या होगा और क्या भारत पर भी कभी ऐसा दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि क्या डोनाल्ड ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री को “किडनैप” कर सकते हैं। यही टिप्पणी राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई।

भाजपा ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर दिन एक नई निचली सीमा छू रही है और भारत की तुलना वेनेजुएला जैसे देश से करना शर्मनाक है। भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह बयान उसकी “भारत विरोधी सोच” को उजागर करता है और पार्टी नेतृत्व देश में अराजकता फैलाना चाहता है। भाजपा का कहना है कि ऐसे बयान भारत की संप्रभुता और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करते हैं।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस नेतृत्व लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी विदेश नीति को लेकर हमलावर है। एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी का हवाला दिया था, जिसमें भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद का जिक्र किया गया था। खड़गे ने सवाल उठाया था कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के सामने झुक क्यों रहे हैं और कहा था कि यह रवैया देश के हितों के लिए नुकसानदेह है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री को जनता ने इसलिए नहीं चुना कि वे किसी विदेशी नेता की हर बात पर सिर हिलाएं। उन्होंने वैश्विक राजनीति में उभरते दबाव और कथित विस्तारवादी प्रवृत्तियों पर भी चिंता जताई। खड़गे ने वेनेजुएला की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जो भी देश विस्तारवाद या धमकी की नीति अपनाता है, वह लंबे समय तक टिक नहीं पाता। उन्होंने इतिहास के उदाहरण देते हुए कहा कि हिटलर और मुसोलिनी जैसे नेता भी अंततः खत्म हो गए।

पृथ्वीराज चव्हाण की टिप्पणी ने कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से चल रही राजनीतिक तनातनी को और तेज कर दिया है। जहां कांग्रेस अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक दबाव के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है, वहीं भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर देश की छवि और संप्रभुता को नुकसान पहुंचा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और गर्माने की संभावना है।

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