WhatsApp का Linked Devices फीचर पहले से ही उपयोगकर्ताओं को अपने एक ही खाते को विभिन्न डिवाइस जैसे टैबलेट और वेब वर्ज़न पर इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। अब WhatsApp इस फीचर को वियरेबल्स (smartwatches आदि) के लिए भी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। यह बदलाव फिलहाल iOS उपयोगकर्ताओं के लिए बीटा वर्ज़न में परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया है।
पहले WhatsApp केवल मोबाइल फोन या पीसी तक सीमित था, लेकिन अब यह कई डिवाइस पर उपयोगकर्ताओं को नोटिफिकेशन और कॉल अलर्ट की सुविधा देगा। भविष्य में जब WhatsApp स्मार्ट ग्लासेस पर भी उपलब्ध होगा, यह फीचर और भी प्रभावी साबित हो सकता है।
Linked Devices में नया बदलाव
WhatsApp सेटिंग्स में पहले से ही Linked Devices का विकल्प मौजूद है। अब tipster WaBetaInfo के अनुसार, इसमें नया Peripherals टैब जोड़ा जाएगा, जो बताएगा कि कौन-कौन से डिवाइस आपके WhatsApp खाते से जुड़े हैं। iOS बीटा में यह बदलाव देखा गया है।
इस नए टैब में केवल डिवाइस का नाम ही नहीं दिखेगा, बल्कि यह भी पता चलेगा कि WhatsApp उस वियरेबल पर कितनी देर तक सक्रिय रहा। भविष्य में इस टैब में अन्य डिवाइस जैसे स्मार्ट ग्लासेस भी शामिल हो सकते हैं, जिससे उपयोगकर्ता आसानी से अपने मैसेज और कॉल अलर्ट देख पाएंगे।
यह फीचर फिलहाल TestFlight बीटा वर्ज़न में सीमित है, लेकिन आने वाले महीनों में और iOS उपयोगकर्ताओं और बाद में Android बीटा उपयोगकर्ताओं के लिए भी इसे रोलआउट किया जाएगा।
साइबर सुरक्षा चेतावनी
भारत की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) ने WhatsApp के डिवाइस-लिंकिंग फीचर में एक गंभीर सुरक्षा खामी को लेकर हाई-सेवेरिटी अलर्ट जारी किया है। इसे “GhostPairing” कहा गया है। इस एक्सप्लॉइट के जरिए हैकर्स बिना पासवर्ड, OTP या SIM स्वैप के उपयोगकर्ता के WhatsApp खाते पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं।
इस खामी का इस्तेमाल कर हमलावर यूजर के पूरे चैट हिस्ट्री, संवेदनशील फोटो, वीडियो, वॉइस नोट्स और लाइव मैसेजेस तक वास्तविक समय में पहुँच सकते हैं।
अक्सर यह हमला उस समय शुरू होता है जब उपयोगकर्ता को किसी विश्वसनीय संपर्क की तरफ से धोखाधड़ी वाला मैसेज मिलता है—जिसका खाता पहले से ही हैक हो सकता है। यह मैसेज आमतौर पर यूजर को आकर्षित करने के लिए कुछ ऐसा दिखाता है, जैसे: “Hi, check this photo of you”, और लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाता है। लिंक फेसबुक जैसी प्रीव्यू दिखाकर तुरंत भरोसा दिलाता है।
इस तरह के खतरे को देखते हुए, WhatsApp उपयोगकर्ताओं को सावधान रहना और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी जाती है।