सोने ने 2025 में 50वीं बार तोड़ा रिकॉर्ड, यूएस दर कट और वेनेज़ुएला संकट से निवेशकों की मजबूती

Vin News Network
Vin News Network
5 Min Read
सोने और चांदी की कीमतों में 2025 में ऐतिहासिक उछाल, निवेशक सुरक्षित धातुओं में रुचि दिखा रहे हैं

सोने की कीमतों ने 2025 में 50वीं बार अपना सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया है। निवेशक बढ़ती वैश्विक राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को देखते हुए सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं। इसी के साथ चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। सोने का दाम पहली बार प्रति औंस $4,480 के पार चला गया, जबकि पिछली सत्र में यह 2.4% बढ़ा, जो पिछले महीने में सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले साल फिर से ब्याज दरें कम कर सकता है, जिससे नॉन-यील्डिंग संपत्ति जैसे कि सोना और चांदी को फायदा मिलेगा। कम ब्याज दरें निवेशकों को ऐसे धातुओं में आकर्षित करती हैं जो कोई ब्याज या लाभांश नहीं देतीं, लेकिन संकट और अनिश्चितता में सुरक्षित निवेश के रूप में काम आती हैं।

पिछले सप्ताह सोने की मांग में तेजी का एक प्रमुख कारण वेनेज़ुएला में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव हैं। अमेरिका ने वहां के तेल टैंकरों को ब्लॉक कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। यह कदम वैश्विक निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर मोड़ रहा है, जिससे सोने की कीमतों में और उछाल आया।

2025 में सोने की कीमतों में लगभग 70% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह तेजी केंद्रीय बैंकों की उच्च खरीद और सोने-समर्थित ईटीएफ (Exchange-Traded Funds) में लगातार निवेश के कारण रही। साल के हर महीने सोने-समर्थित ईटीएफ में निवेश बढ़ा है, सिवाय मई के। ऐसे में सोना इस साल अपने 1979 के बाद की सबसे शानदार वार्षिक रैली की ओर बढ़ रहा है।

इस तेजी में निवेशकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक व्यापार नीति और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर उनकी टिप्पणियों ने भी इस साल सोने की कीमतों को मजबूती दी। इसके अलावा, “डेबेसमेंट ट्रेड” ने निवेशकों को आकर्षित किया—इसमें लोग उच्च कर्ज स्तर और मुद्रा अवमूल्यन के डर से सरकारी बांड और उनकी मुद्राओं से हटकर सोने और चांदी में निवेश करते हैं।

सोने ने अक्टूबर में $4,381 के पिछले उच्च स्तर से थोड़ी गिरावट के बाद तेजी से वापसी की है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह रैली अगले साल भी जारी रह सकती है। गोल्डमैन सैक्स जैसी प्रमुख बैंकें यह अनुमान लगा रही हैं कि 2026 में सोने की कीमत $4,900 प्रति औंस तक जा सकती है, और इसके ऊपर की संभावनाएं भी मौजूद हैं।

चांदी की रैली इस साल सोने से भी अधिक शानदार रही है। चांदी ने 2025 में लगभग 140% की वृद्धि दर्ज की है। हाल की तेजी में सट्टा निवेश और प्रमुख व्यापार केंद्रों में आपूर्ति में व्यवधान ने भी योगदान दिया है। अक्टूबर में चांदी का ऐतिहासिक शॉर्ट स्क्वीज़ (Short Squeeze) इसके बढ़ते दामों में अहम भूमिका निभा रहा है।

शंघाई में चांदी के फ्यूचर्स ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी हाल ही में भारी उछाल देखा गया, जो पिछले दो महीनों में आए आपूर्ति संकट के दौरान देखे गए स्तरों के करीब था। इस तरह की गतिविधि दर्शाती है कि निवेशक और व्यापारी सुरक्षित धातुओं में अपनी पूंजी केंद्रित कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता, ब्याज दरों में संभावित कटौती और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक सोने और चांदी की कीमतों को आगे भी उच्च स्तर पर बनाए रखने में मदद करेंगे। 2025 में यह दोनों धातुएं निवेशकों के लिए न केवल लाभकारी रही हैं बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश का विकल्प भी साबित हुई हैं।

सारांश में कहा जाए तो, सोने और चांदी ने 2025 में नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। यूएस की नीति, वेनेज़ुएला का संकट और निवेशकों की सुरक्षित परिसंपत्ति की तलाश इन धातुओं की कीमतों को ऊंचा रखेगी। आने वाले साल में यह धातुएं वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनी रहेंगी और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच उनका सुरक्षित आश्रय का रूप बनेगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *