बागलकोट में स्थित ह्यूर्टीकल्चर यूनिवर्सिटी में आयोजित ह्यूर्टीकल्चर मेले के उद्घाटन अवसर पर, जिला प्रभारी मंत्री आर.बी. थिम्मापुर ने कृषि और बागवानी वैज्ञानिकों से किसानों तक नई तकनीक पहुँचाने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि शोध और विकास केवल विश्वविद्यालयों या संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे सीधे खेतों तक ले जाना आवश्यक है ताकि किसानों को बेहतर पैदावार और बाजार में उचित मूल्य मिल सके।
आर.बी. थिम्मापुर ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि आधुनिक खेती और कटाई-संबंधी तकनीक किसानों के जीवन में बदलाव ला सकती है। उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे अपनी रिसर्च का सीधा लाभ किसानों को दें, ताकि वे अपने उत्पादन को अधिक कुशल और लाभकारी बना सकें। मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि तकनीकी हस्तक्षेप से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और कृषि क्षेत्र में स्थायित्व बढ़ सकता है।
मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में किए जाने वाले अनुसंधान और प्रयोगों का असली महत्व तभी सिद्ध होता है जब उसका वास्तविक लाभ किसान वर्ग तक पहुँचता है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे नए-नए तकनीकी आविष्कारों, उन्नत बीज, और आधुनिक उपकरणों को किसानों के बीच प्रस्तुत करें, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों को बेहतर आर्थिक अवसर मिलें।
इस अवसर पर मंत्री ने यह भी कहा कि बागवानी और कृषि क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संस्थानों और किसानों के बीच एक मजबूत संपर्क की आवश्यकता है। उन्होंने वैज्ञानिकों को सुझाव दिया कि वे प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाओं और डेमो प्रोजेक्ट के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराएं।
आर.बी. थिम्मापुर ने किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सहयोग की अहमियत पर भी प्रकाश डाला। उनका मानना है कि केवल अनुसंधान करना पर्याप्त नहीं है; इसे किसानों तक पहुँचाना और उनके अनुभव के आधार पर और बेहतर बनाना भी आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाएंगे, बल्कि देश में कृषि क्षेत्र को और प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाएंगे।
मंत्री ने यह संदेश भी दिया कि सरकार वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित कर रही है और इस दिशा में विभिन्न योजनाओं और मेले आयोजित किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि किसान और विज्ञान दोनों ही हाथ मिलाकर ही कृषि क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।
बागवानी मेले में विभिन्न संस्थाओं और शोधकर्ताओं ने अपने शोध और नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मंत्री ने वैज्ञानिकों और छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से किसानों का जीवन स्तर सुधर सकता है और कृषि क्षेत्र में तकनीकी क्रांति आ सकती है।
आर.बी. थिम्मापुर का यह संदेश स्पष्ट करता है कि कृषि क्षेत्र में तकनीक और विज्ञान का समन्वय किसान के लिए आवश्यक है। नई तकनीकें केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रह सकतीं; उन्हें सीधे खेतों तक पहुँचाना और किसानों के लिए व्यवहारिक बनाना ही असली सफलता है। इस दृष्टिकोण से बागवानी मेला किसानों और वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
मंत्री का संदेश किसानों और वैज्ञानिकों के बीच साझेदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान पर केंद्रित था। उनका मानना है कि जब शोध और तकनीक सीधे खेतों तक पहुँचेंगे, तभी कृषि उत्पादन में सुधार और किसानों की आमदनी में वृद्धि संभव हो सकेगी।