दिल्ली से मुंबई जा रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की वाइड-बॉडी फ्लाइट में सोमवार सुबह तकनीकी खराबी सामने आने के बाद विमान को उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद ही वापस दिल्ली लौटना पड़ा। विमान में सवार करीब 355 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए यह एक डराने वाला अनुभव रहा, हालांकि पायलटों की सतर्कता और तय सुरक्षा प्रक्रियाओं के चलते विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, यह घटना उड़ान संख्या AI-887 के साथ हुई, जो दिल्ली से महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई जा रही थी। टेक-ऑफ के बाद जब विमान के फ्लैप्स को समेटा जा रहा था, उसी दौरान पायलटों ने दाहिने इंजन (इंजन नंबर-2) में इंजन ऑयल प्रेशर कम होने का संकेत देखा।
उड़ान के दौरान अचानक आई तकनीकी खराबी
DGCA की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उड़ान के कुछ ही समय बाद दाहिने इंजन का ऑयल प्रेशर तेजी से गिरता गया और कुछ ही देर में यह पूरी तरह शून्य (Zero) हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलटों ने मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) के तहत इंजन नंबर-2 को बंद करने का फैसला किया।
इंजन बंद करने के बाद विमान को तुरंत “एयर टर्न बैक” करते हुए दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया। सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विमान ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की।
बोइंग 777 विमान था शामिल
यह विमान बोइंग 777 श्रेणी का था, जिसे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विमान में कुल लगभग 355 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री या चालक दल को कोई चोट नहीं आई और सभी लोग सुरक्षित रहे।
DGCA ने बताया कि विमान के लौटने के बाद उसकी तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी।
जांच के आदेश, DGCA की निगरानी में होगी प्रक्रिया
नागर विमानन महानिदेशालय ने स्पष्ट किया कि इस घटना की जांच एयर इंडिया के स्थायी जांच बोर्ड (Permanent Investigation Board) द्वारा की जाएगी। यह जांच DGCA के निदेशक (एयर सेफ्टी – उत्तरी क्षेत्र) की निगरानी में होगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इंजन ऑयल प्रेशर अचानक शून्य क्यों हो गया।
DGCA ने कहा कि उड़ान सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना को गंभीरता से लिया जाता है और जांच के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
एयर इंडिया का बयान: सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एयर इंडिया की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि “22 दिसंबर को दिल्ली से मुंबई जा रही उड़ान AI-887 के चालक दल ने टेक-ऑफ के तुरंत बाद एक तकनीकी समस्या के कारण एहतियातन दिल्ली लौटने का निर्णय लिया। यह फैसला पूरी तरह मानक प्रक्रियाओं के अनुसार लिया गया।”
हालांकि एयरलाइन ने तकनीकी खराबी का विस्तृत विवरण नहीं दिया, लेकिन उसने यह स्पष्ट किया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।
एयर इंडिया ने कहा कि विमान के सुरक्षित उतरने के बाद सभी यात्रियों और क्रू को उतार लिया गया और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की गई। एयरलाइन ने इस अप्रत्याशित स्थिति के लिए यात्रियों से खेद भी व्यक्त किया।
वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था
एयर इंडिया ने बताया कि दिल्ली में मौजूद ग्राउंड टीम ने तुरंत यात्रियों की मदद की और उन्हें रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराए गए। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई, जो बाद में सभी यात्रियों को लेकर मुंबई के लिए रवाना हुआ।
एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहे और यात्रियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को समझा। एयर इंडिया ने कहा कि वह जांच में पूरी तरह सहयोग करेगी।
नागर विमानन मंत्रालय ने लिया संज्ञान
इस घटना पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI-887 में टेक-ऑफ के तुरंत बाद आई तकनीकी खराबी को गंभीरता से लिया गया है।
मंत्रालय ने एयर इंडिया से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और DGCA को निर्देश दिया है कि वह मामले की गहन जांच करे। साथ ही एयरलाइन को यात्रियों को पूरी सहायता देने और उन्हें अन्य उड़ानों में समायोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एयर इंडिया ने मंत्रालय के बयान का जवाब देते हुए कहा कि वह यात्रियों की असुविधा को समझती है और इस एहतियाती वापसी के कारण हुए कष्ट के लिए खेद प्रकट करती है।
सुरक्षित लैंडिंग से टला बड़ा हादसा
हालांकि यह घटना यात्रियों के लिए डरावनी रही, लेकिन पायलटों की तत्परता, प्रशिक्षण और तय प्रक्रियाओं के पालन से एक संभावित बड़े हादसे को टाल लिया गया। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में इंजन को समय पर बंद करना और सुरक्षित हवाई अड्डे पर लौटना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।
फिलहाल DGCA की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इंजन ऑयल प्रेशर गिरने की असली वजह क्या थी।