मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ। घना कोहरे और बेहद कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण मील का पत्थर 127 के पास 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहनों में आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से 13 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 25 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
तड़के 4:30 बजे मौत का तांडव
यह हादसा मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र में तड़के करीब 4:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोहरे की सफेद चादर के कारण सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। तभी एक के बाद एक वाहन आपस में टकराते चले गए। भिड़ंत के तुरंत बाद वाहनों में आग की लपटें उठने लगीं। एक चश्मदीद ने बताया, “मैं बस में सो रहा था जब जोरदार झटका लगा। बस यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थी और देखते ही देखते चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।”
मथुरा एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुरुआत में चार मौतों की पुष्टि हुई थी, लेकिन जब जले हुए वाहनों से अवशेष निकालकर अस्पताल भेजे गए, तो मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया।
बचाव कार्य और प्रशासन की मुस्तैदी
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की 12 गाड़ियां और 14 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और घायलों को पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (बलदेव) और अन्य जिला अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मथुरा एसपी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त वाहनों में एक उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस थी, जबकि अन्य 6 निजी स्लीपर बसें थीं।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (Ex-gratia) देने की घोषणा की है। साथ ही, जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि घायलों के मुफ्त और बेहतर इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए।
कोहरे का कहर: अन्य हादसे
सर्दियों के मौसम में कम दृश्यता के कारण एक्सप्रेसवे पर हादसों का सिलसिला बढ़ गया है। इससे पहले सोमवार को भी नूंह के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जीरो विजिबिलिटी के कारण 18 वाहन आपस में टकरा गए थे। एनएचएआई (NHAI) के अनुसार, वह हादसा तब शुरू हुआ जब एक यात्री बस ने कोहरे के बीच खड़े डंपर में टक्कर मार दी थी।