विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, पुलिस कर्मियों की 40 महिला परिजनों को कौशल प्रमाणपत्र वितरित

Vin News Network
Vin News Network
4 Min Read
विश्व एड्स दिवस पर लखनऊ पुलिस लाइन्स में जागरूकता कार्यक्रम और 40 महिला परिजनों को कौशल प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

विश्व एड्स दिवस के अवसर पर मंगलवार को लखनऊ पुलिस लाइन्स में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार के जन शिक्षण संस्थान, गोमती नगर, लखनऊ तथा रिज़र्व पुलिस लाइन्स, लखनऊ कमिश्नरेट के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान एड्स के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस कर्मियों की 40 महिला परिजनों को कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।

जन शिक्षण संस्थान द्वारा इन महिलाओं को असिस्टेंट ड्रेस मेकर और दर्जी एडवांस्ड ट्रेड में प्रशिक्षण दिया गया था। कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और एचआईवी/एड्स के प्रति सही जानकारी और सावधानियों का प्रसार था।

एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) वह वायरस है जो एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (AIDS) का कारण बनता है। यह वायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर सीधे आक्रमण करता है, जिससे व्यक्ति के रोगों से लड़ने की क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। समय पर उपचार न मिलने पर एचआईवी संक्रमण एड्स के अंतिम और गंभीर चरण में बदल जाता है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि —

  • एचआईवी संक्रमित व्यक्ति का रक्त किसी अन्य व्यक्ति को चढ़ाए जाने पर,
  • असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर,
  • संक्रमित सुई या सिरिंज का दोबारा उपयोग करने पर,
  • तथा गर्भवती संक्रमित महिला से बच्चे को संक्रमण होने की संभावना रहती है।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को इस गंभीर बीमारी से जुड़े मिथकों, जोखिमों और बचाव के उपायों की सटीक जानकारी उपलब्ध कराना था।

महिला सशक्तिकरण पर अधिकारियों ने रखे विचार प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएँ विकसित भारत की रीढ़ हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने सामाजिक दायित्वों के साथ-साथ जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्क्वाड्रन लीडर नम्रता तिवारी ने भारतीय संस्कृति, परिवार और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर रही हैं और उच्च पदों पर नेतृत्व कर रही हैं। नम्रता तिवारी ने भारतीय वायु सेना में अपने अनुभव साझा करते हुए उपस्थित महिलाओं को प्रेरित किया।

100 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण का लाभ
जन शिक्षण संस्थान के निदेशक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले दो वर्षों में संस्थान ने पुलिस लाइन्स में पुलिस कर्मियों की लगभग 100 महिला और किशोरी परिजनों को असिस्टेंट ड्रेस मेकर, ब्यूटी केयर असिस्टेंट और असिस्टेंट कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षित किया है तथा सभी का भारत सरकार से प्रमाणन भी सुनिश्चित कराया गया है।
कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा स्वयं तैयार किए गए परिधानों को भी प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।

कार्यक्रम का संचालन और उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन वर्चस्व वेल्फेयर सोसायटी की प्रमुख एवं विश्वामंगलय सभा की संयोजिका प्रतिभा बालियान ने किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और देशभक्ति पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर पुलिस मॉडर्न स्कूल की प्रधानाचार्या प्रीति वर्मा, वामा सारथी परिवार परामर्श केंद्र की विशेष कर्तव्य अधिकारी मीरा यादव, प्रभारी सुप्रिया यादव सहित अनेक महिला पुलिस कर्मी व अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय जन शिक्षण संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी पन्नालाल द्वारा किया गया।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *