सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर्स को दी दिव्यांगों के लिए जिम्मेदारी, सरकार को कंटेंट नियम बनाने का आदेश

Vin News Network
Vin News Network
2 Min Read
सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर्स को दिव्यांगों की मदद के लिए निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर कंटेंट बनाने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है कि मनोरंजन करते समय समाज की संवेदनाओं का ध्यान रखना जरूरी है। कोर्ट ने खास तौर पर कॉमेडियन समय रैना और कुछ अन्य यूट्यूबर्स को निर्देश दिया कि वे दिव्यांग व्यक्तियों की मदद के लिए फंड जुटाएँ और उनके सम्मान की रक्षा करें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कोई सजा नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। आदेश में यह भी कहा गया कि इन यूट्यूबर्स को महीने में कम से कम दो कार्यक्रम आयोजित करने होंगे, जिनमें दिव्यांग व्यक्तियों की उपलब्धियों और कहानियों को सामने लाया जाए। इस तरह की पहल से न सिर्फ फंड जुटाया जा सकेगा बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी।

साथ ही, कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और अपमानजनक कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाए। अदालत ने सुझाव दिया कि इसके लिए एक स्वतंत्र संस्था बनाई जाए, जो ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी करे और सुनिश्चित करे कि संवेदनशील समूहों की गरिमा का उल्लंघन न हो।

इस आदेश के बाद समय रैना और अन्य यूट्यूबर्स को अगले सुनवाई तक फंड जुटाने और कार्यक्रम आयोजित करने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम डिजिटल मीडिया पर मनोरंजन और जिम्मेदारी के संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *