मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच लेबनान की राजधानी बेरूत पर किए गए एक इज़राइली हवाई हमले में हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ सैन्य कमांडर हैथम अली तबाताबाई की मौत होने की खबर है। उन्हें कई रिपोर्टों में हिज़्बुल्लाह का “चीफ ऑफ स्टाफ” या संगठन की सैन्य विंग का शीर्ष अधिकारी बताया गया है। उनकी मौत ने क्षेत्र में पहले से बढ़े तनाव को और भड़का दिया है, और इसे आने वाले दिनों में गहरी क्षेत्रीय अस्थिरता की संभावना के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
लेबनानी मीडिया और कुछ क्षेत्रीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह हमला देर रात बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुआ, जिसे हिज़्बुल्लाह लंबे समय से अपना गढ़ मानता है। इस इलाके में कई बार इज़राइली हमले हुए हैं, लेकिन तबाताबाई जैसे शीर्ष कमांडर की मौत को समूह के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि हिज़्बुल्लाह ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर संगठन के समर्थकों ने उनके मारे जाने पर शोक व्यक्त करना शुरू कर दिया है, जिससे खबर को काफी विश्वसनीय माना जा रहा है।
इज़राइली सेना ने इस हमले पर सीधा बयान देने से इनकार किया है, लेकिन उसने यह जरूर कहा कि वह “लेबनान से अपनी सीमाओं पर हो रहे हमलों का जवाब देना जारी रखेगी।” पिछले कई हफ्तों से इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच गोलाबारी तेज हो गई है, खासकर इज़राइल-लेबनान सीमा के आसपास। विश्लेषकों का कहना है कि तबाताबाई की मौत इस संघर्ष को एक नए और अधिक खतरनाक स्तर पर पहुंचा सकती है।
इस घटना पर ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इस हमले को “स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन” बताया और कहा कि यह कदम “क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करने की सोची-समझी रणनीति” का हिस्सा है। ईरान लंबे समय से हिज़्बुल्लाह का प्रमुख समर्थक रहा है और उसने इज़राइल पर “बेदर्दी से आक्रामकता बढ़ाने” का आरोप लगाया है।
सीरिया और इराक में सक्रिय ईरान-समर्थित समूहों ने भी चेतावनी दी है कि वे “उचित समय और स्थान पर जवाब देंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है तथा संघर्ष कई मोर्चों पर फैल सकता है।
बेरूत में सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया है और नागरिकों को प्रभावित क्षेत्र के पास जाने से मना किया गया है। हवाई हमले से आसपास की इमारतों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय अस्पतालों में कई घायल लाए गए हैं, हालांकि उनकी सही संख्या जारी नहीं की गई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और सीमा पर बढ़ती हिंसा को रोकने की अपील की है। लेकिन जमीनी हालात और राजनीतिक बयानबाज़ी यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र और अधिक उथल-पुथल देख सकता है।