एमपी-एमएलए कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) मामले में बरी कर दिया है। इस फैसले से सपा समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। मंगलवार को अदालत में पेश होने के बाद आजम खान को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया।
मामला कब का है?
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। उस समय आजम खान सपा के प्रत्याशी थे और 23 अप्रैल 2019 को सिविल लाइंस क्षेत्र में चुनावी सभा की थी। आरोप था कि उन्होंने उस सभा में भड़काऊ भाषण दिया था। अगले दिन यानी 24 अप्रैल 2019 को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और तत्कालीन एसडीएम सदर प्रेम प्रकाश तिवारी ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था।
लंबी सुनवाई और हाल की परिस्थितियां
23 महीने की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने फैसला सुनाया और आजम खान को सभी आरोपों से बरी कर दिया। बता दें कि आजम खान 23 सितंबर 2025 को सीतापुर जेल से रिहा हुए। जेल से रिहा होने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 8 अक्टूबर को रामपुर जाकर उनसे मुलाकात की थी।
सपा समर्थकों की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखा गया माना जा रहा है कि इस राहत से पार्टी के अंदर राजनीतिक सक्रियता बढ़ सकती है और आगामी चुनावी रणनीति पर भी असर पड़ेगा।