देश की प्रमुख एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला अब शेयर बाजार में उतरने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसका आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 11 नवंबर 2025 को खुलेगा और 13 नवंबर तक निवेशक इसमें आवेदन कर सकेंगे। इस आईपीओ के जरिए कंपनी करीब ₹3,480 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है जिसका उपयोग विस्तार और ऑफलाइन सेंटरों के विकास में किया जाएगा।
कंपनी की ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, आईपीओ में ₹3,100 करोड़ के इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और ₹380 करोड़ तक के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगी। इस बिक्री में कंपनी के संस्थापक अलख पांडे और सह-संस्थापक प्रतीक बूब (महेश्वरी)करीब ₹190 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचेंगे। वर्तमान में दोनों के पास कंपनी में लगभग 40.31% हिस्सेदारी है।
फिजिक्सवाला जिसका मुख्यालय नोएडा में है, ने मार्च 2025 में सेबी (SEBI) के पास अपने आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे। जुलाई में कंपनी को सेबी की मंजूरी प्राप्त हुई थी। कंपनी ने आईपीओ के लिए गोपनीय “प्री-फाइलिंग” मार्ग चुना, जिससे उसे बाद के चरणों तक विवरण सार्वजनिक करने से छूट मिली।
IPO से जुटाए गए धन का उपयोग कहाँ होगा?
कंपनी ने बताया कि नए शेयरों से प्राप्त राशि का एक बड़ा हिस्सा उसके ऑफलाइन और हाइब्रिड शिक्षण केंद्रों के विस्तार पर खर्च किया जाएगा।
₹460.5 करोड़– नए केंद्रों की स्थापना पर
₹548.3 करोड़– मौजूदा केंद्रों के किराया भुगतान में
₹47.2 करोड़– उसकी सहायक कंपनी जाइलम लर्निंग (Xylem Learning) में निवेश हेतु, जिसमें छात्रावास और नए केंद्रों की सुविधा शामिल होगी।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2024-25 में फिजिक्सवाला का घाटा घटकर ₹243 करोड़ रह गया, जो पिछले वर्ष ₹1,131 करोड़ था। वहीं, कंपनी की आमदनी में जबरदस्त वृद्धि हुई है राजस्व ₹1,941 करोड़ से बढ़कर ₹2,887 करोड़ हो गया। कंपनी में वेस्टब्रिज कैपिटल, हॉर्नबिल और GSV वेंचर्स जैसे निवेशकों का समर्थन है।
कुल मिलाकर फिजिक्सवाला का यह आईपीओ भारतीय एडटेक सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है जो ऑनलाइन शिक्षा से लेकर ऑफलाइन विस्तार की दिशा में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।