सैफई। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी विशेष पहचान बनाने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की तीसरी पुण्यतिथि पर पूरे सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैफई स्थित उनके समाधि स्थल पर सपा प्रमुख और उनके पुत्र अखिलेश यादव ने परिवारजनों के साथ पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
सुबह से ही समाधि स्थल पर समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का आना शुरू हो गया था। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, विधायक शिवपाल सिंह यादव, फिरोजाबाद से सांसद रामजी लाल सुमन, सांसद धर्मेंद्र यादव और करहल विधायक तेज प्रताप यादव समेत पार्टी के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
इस मौके पर प्रो. रामगोपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ज़मीनी संघर्षों के दम पर न सिर्फ पार्टी खड़ी की बल्कि ऐसे लोगों को सांसद और विधायक बनाया जो पहले दिल्ली या लखनऊ तक का रास्ता भी नहीं जानते थे। सैफई में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर नेताजी के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की। पूरे राज्य में पार्टी कार्यालयों पर विशेष श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गई जहां कार्यकर्ताओं ने नेताजी के समाज के प्रति समर्पण, संघर्षशील जीवन और सादगी को याद किया।
गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को इटावा जिले के एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने 1967 में राजनीतिक पारी की शुरुआत की और बाद में समाजवादी पार्टी की नींव रखी। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल और केंद्रीय राजनीति में योगदान आज भी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी दिनभर नेताजी के विचारों, उपलब्धियों और संघर्षपूर्ण जीवन की चर्चा होती रही। समर्थकों और नेताओं ने डिजिटल माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।