रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की खुलकर प्रशंसा की है। सोची में आयोजित वल्दाई डिस्कशन क्लब के पूर्ण सत्र में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी एक बेहद बुद्धिमान और राष्ट्रहित में सोचने वाले नेता हैं, जो किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकते। पुतिन ने भारत और रूस के बीच दशकों पुराने भरोसेमंद संबंधों को दोहराते हुए कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की अहमियत को भलीभांति समझते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 15 साल पहले घोषित की गई विशेष रणनीतिक साझेदारी आज भी दोनों देशों के रिश्तों की सही परिभाषा है।
मोदी हमेशा अपने देश को प्राथमिकता देते हैं
पुतिन ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा भारत की संप्रभुता और सम्मान को सबसे ऊपर रखते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मोदी जैसे नेता अपने राष्ट्र के दीर्घकालिक हितों की गहरी समझ रखते हैं और विश्व मंच पर देश की गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं करते।
अमेरिकी टैरिफ और रूस-भारत व्यापार पर बयान
भारतीय आयातों पर अमेरिकी टैरिफ के संदर्भ में पुतिन ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करता है तो उसे लगभग 9 से 10 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। लेकिन उन्होंने इस बात का पूरा भरोसा जताया कि पीएम मोदी विदेशी दबावों के आगे कभी नहीं झुकेंगे और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को प्राथमिकता देंगे।
पुतिन ने जोर देकर कहा, ‘यह कोई राजनीतिक मामला नहीं है, बल्कि एक आर्थिक वास्तविकता है। भारत को अपने हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार है, और मैं जानता हूं कि पीएम मोदी वही करेंगे जो भारत के लिए सही होगा।’
साल के अंत तक भारत यात्रा पर आ सकते हैं पुतिन
रूस के राष्ट्रपति के इस बयान के बीच यह जानकारी भी सामने आ रही है कि व्लादिमीर पुतिन इस साल के अंत तक भारत दौरे पर आ सकते हैं। इससे पहले, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के भी भारत आने की उम्मीद जताई जा रही है, जो दोनों देशों के बीच शिखर बैठक और द्विपक्षीय मुद्दों पर तैयारी करेंगे।
नतीजा
राष्ट्रपति पुतिन के ताज़ा बयान न केवल भारत-रूस के मजबूत रिश्तों की पुष्टि करते हैं बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि विश्व नेता भी प्रधानमंत्री मोदी की रणनीतिक सोच और आत्मनिर्भर दृष्टिकोण को लेकर कितने भरोसे में हैं। आने वाले समय में यह साझेदारी और भी गहरी हो सकती है।