भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में विकसित हुए तेज़ निम्न दबाव/चक्रवाती प्रणाली के बारे में अहम चेतावनी जारी की है। विभाग के बुलेटिन के अनुसार यह सिस्टम तेजी से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और 2 अक्तूबर की रात तक ओडिशा के तटीय इलाकों को पार कर आंध्र प्रदेश के निकटवर्ती तटों की ओर बढ़ जाएगा; दौरान तेज हवाएँ 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुँच सकती हैं। अगले दिन यानी 3 अक्तूबर तक तूफ़ान कमजोर पड़ने की संभावना है और हवा की गति घटकर 45–55 किमी/घंटा रह जाएगी, किन्तु इसके प्रभाव से बनने वाली तेज़ बौछारें और ज़ोरदार हवा कई दिनों तक बनी रह सकती है।
IMD ने अगले पाँच दिनों में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी गरज-चमक के साथ व्यापक वर्षा और त्वरित शीतलन झोंकों की चेतावनी भी दी है। ओडिशा में पहले से ही भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है और राज्य प्रशासन ने संवेदनशील जिलों में बचाव कर्मियों व मशीनरी को तैनात कर दिया है; राज्य के सभी 30 जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मछुआरों को 3 अक्तूबर तक ओडिशा के तट के निकट समुद्र में न निकलने की सख्त हिदायत दी गई है और सभी बंदरगाहों पर स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या-3 (LC-3) लगाने की सलाह दी गई है।
इसके अतिरिक्त, पश्चिमी अरब सागर में भी एक अलग निम्न दाब सक्रिय है और उत्तरी भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 4–8 अक्तूबर के बीच इन प्रणालियों के आपसी प्रभाव के चलते उत्तर भारत में असामान्य रूप से तेज बारिश का खतरा है; पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे क्षेत्रों में रिकॉर्ड-स्तरीय वर्षा होने की संभावना पर मौसम विज्ञानियों ने संकेत दिए हैं। जनता से अपील है कि आधिकारिक स्रोतों द्वारा जारी ताज़ा सलाह और चेतावनी लगातार देखें, और आपातकालीन तैयारियों का पालन करें।