सूरत। गुजरात पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बताया कि गिरोह ने भारत के नागरिकों को कुल मिलाकर लगभग ₹804 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। सुरत से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया गिरोह के नेटवर्क में दुबई, वियतनाम और कंबोडिया जैसी जगहें शामिल थीं और इसका लक्ष्य पूरे देश के नागरिक थे।
गिरोह की कार्यप्रणाली
गिरोह आम लोगों के बैंक खाते और सिम कार्ड छोटे कमीशन (1.5- 2%) के लालच में हासिल करता था और उन्हें दुरुपयोग कर ऑनलाइन ठगी करता था। पुलिस के मुताबिक यह रैकेट फर्जी कॉल, साइबर फ्रॉड और अन्य डिजिटल चालों के जरिए पैसे निकालता था कुल मिलाकर 1,549 मामले दर्ज किए गए।
गिरफ्तारी और जब्ती
सूरत से गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग सामग्री जब्त की-
65 मोबाइल फोन
447 डेबिट कार्ड
529 बैंक अकाउंट किट
686 सिम कार्ड
16 POS मशीनें
पीड़ितों को वापसी (रिफंड)
पुलिस ने बताया कि साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को अब तक कुल ₹5.51 करोड़ लौटाए जा चुके हैं। कुछ मामलों के उदाहरण-
वडोदरा के एक वरिष्ठ नागरिक को 4.91 करोड़ रुपये वापस किए गए।
अहमदाबाद की एक महिला को ड्रग केस के भय से 12 दिन तक ऑनलाइन संपर्क (Skype) से परेशान रखा गया; इस महिला के पास से ₹48 लाख जब्त कर वापस किए गए।
सुरक्षा और चेतावनी
गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने नागरिकों से कहा है कि साइबर फ्रॉड के शिकार होते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है इसलिए किसी भी फोन कॉल से डरकर गलत कदम न उठाएँ।
सरकार की पहल और जागरूकता
राज्य सरकार डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समुदाय स्तर पर कार्यक्रम कर रही है। मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत गरबा आयोजन करके सुरक्षा और जागरूकता का संदेश फैलाया जाएगा यह पहल सुरक्षा और सामान्य जागरूकता का प्रतीक बनेगी।