प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में सेमीकॉन इंडिया-2025 का उद्घाटन किया। यह आयोजन न सिर्फ भारत का बल्कि पूरे एशिया का अब तक का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शो माना जा रहा है। इसका उद्देश्य है – भारत को वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना। इस बार चौथे संस्करण में 33 देशों से 350 से ज्यादा कंपनियां, 150 वक्ता और 50 से अधिक वैश्विक नेता शामिल हो रहे हैं। रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी भारत की टेक्नोलॉजी डिप्लोमेसी की ताकत को दिखाती है।
भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा
साल 2021 में सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) लॉन्च किया था। तब इसे महज विजन कहा गया था, लेकिन चार साल के भीतर यह विजन अब हकीकत में बदलता दिख रहा है।
भारत ने न सिर्फ इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित किया बल्कि रिसर्च, डिजाइन, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग जैसी एंड-टू-एंड सप्लाई चेन में भी अपनी क्षमता दिखाई है।
पीएम मोदी ने उद्घाटन समारोह में कहा – “सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक का दिल हैं। ये स्वास्थ्य, संचार, रक्षा, अंतरिक्ष और परिवहन जैसे क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा हैं। भारत का सपना है कि आने वाले दशक में दुनिया हमें एक सेमीकंडक्टर महाशक्ति के रूप में देखे।”
तीन दिन का भव्य आयोजन
यह सम्मेलन 2 से 4 सितंबर तक चलेगा। 3 सितंबर की सुबह प्रधानमंत्री मोदी एक CEO राउंडटेबल में भी शामिल होंगे, जिसमें दुनिया की प्रमुख चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के टॉप एक्सपर्ट्स और सीईओ भाग लेंगे। सम्मेलन में जिन मुद्दों पर खास फोकस रहेगा, उनमें शामिल हैं:
- सेमीकंडक्टर फैब और एडवांस पैकेजिंग
- स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमेशन
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग
- डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना
- स्टार्टअप इकोसिस्टम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
- वर्कफोर्स डेवलपमेंट और कौशल संवर्धन
वैश्विक भागीदारी और निवेश
इस सम्मेलन में 6 देशों की राउंडटेबल चर्चाएं होंगी। इसमें जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ताइवान, जर्मनी और फ्रांस जैसे टेक्नोलॉजी दिग्गज देश भाग लेंगे। इसके अलावा स्टार्टअप और वर्कफोर्स डेवलपमेंट के लिए अलग पवेलियन बनाया गया है, जहां युवा इनोवेटर्स अपनी सोच और डिजाइन पेश करेंगे। 350 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पाद और तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन से भारत को अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित हो सकता है।
सरकार की बड़ी योजनाएं
भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना लागू की है। इसके तहत निवेश करने वाली कंपनियों को टैक्स छूट, अनुदान और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट दिया जाएगा। इसके अलावा डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत स्टार्टअप्स और R&D कंपनियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है।
भारत का भविष्य और रणनीतिक महत्व
दुनिया तेजी से डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही है। स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक कार, स्पेस रिसर्च, रक्षा उपकरण, मेडिकल टेक्नोलॉजी – हर क्षेत्र सेमीकंडक्टर पर आधारित है। इसी कारण इसे 21वीं सदी का तेल कहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत इस क्षेत्र में मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बना लेता है, तो न केवल आर्थिक सुरक्षा बल्कि रणनीतिक स्वतंत्रता भी हासिल कर लेगा। सेमीकॉन इंडिया-2025 भारत की टेक्नोलॉजी लीडरशिप की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह आयोजन दुनिया को यह संदेश देता है कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी उपभोक्ता नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।