लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बुनियादी सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। नगर निगम लखनऊ के जलकल विभाग द्वारा गोमती नगर विस्तार सेक्टर-4 स्थित ओएचटी परिसर, हेल्थ सिटी चौराहा पर एक भव्य शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और विशिष्ट अतिथि के रूप में बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला मौजूद रहे।
कार्यक्रम में तीनों जनप्रतिनिधियों – महापौर सुषमा खर्कवाल, मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और विधायक योगेश शुक्ला ने संयुक्त रूप से लखनऊ विकास प्राधिकरण से नगर निगम को हस्तांतरित गोमती नगर विस्तार की कुल 14 परियोजनाओं का विधिविधानपूर्वक पूजन कर शिलान्यास किया।
कुल 14 परियोजनाओं पर 28.72 करोड़ का निवेश
नगर निगम और जलकल विभाग ने इस अवसर पर बताया कि गोमती नगर विस्तार में कुल ₹28.72 करोड़ की लागत से 14 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य कराया जाएगा। इन परियोजनाओं में जलाशय निर्माण, नलकूप स्थापना, रिबोरिंग कार्य और सीवरेज पम्पिंग स्टेशन का जीर्णोद्धार शामिल है। परियोजनाओं का लक्ष्य है कि गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को पेयजल और सीवरेज की दिक्कतों से मुक्ति मिल सके और जलापूर्ति तंत्र को और बेहतर बनाया जा सके।
मुख्य अतिथि ने क्या कहा?
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कार्यक्रम में कहा, “राज्य सरकार का उद्देश्य है कि लखनऊ को एक आधुनिक और सुसज्जित नगर के रूप में विकसित किया जाए। गोमती नगर विस्तार की ये परियोजनाएँ शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। इन कार्यों के पूरे होने के बाद नागरिकों को जलापूर्ति और सीवरेज संबंधी परेशानियों से बड़ी राहत मिलेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार और नगर निगम मिलकर हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं और इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना हमारी प्राथमिकता है।
महापौर का बयान
लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा, “गोमती नगर विस्तार शहर का तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र है। यहाँ की जनता को स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। इन 14 परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय नागरिकों को भारी लाभ मिलेगा और जलापूर्ति की समस्याओं का समाधान होगा।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि नगर निगम सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराएगा ताकि जनता को जल्द से जल्द राहत मिले।
कौन-कौन रहा मौजूद?
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी शामिल हुए। पार्षद राजेश रावत, संजय राठौर, शैलेंद्र वर्मा, पूर्व पार्षद रामकृष्ण यादव, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, महाप्रबंधक जलकल कुलदीप सिंह, उपविजेता अशोक कुमार, धनीराम रावत, पूर्व मंडल अध्यक्ष आनंद पांडे, पूर्व मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा गौरव राय, पूर्व प्रधान किरन विश्वकर्मा समेत कई गणमान्यजन मौजूद रहे।
परियोजनाओं का पूरा विवरण
- सेक्टर-1 अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर – लागत ₹410 लाख
- सेक्टर-6 अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर – लागत ₹410 लाख
- सेक्टर-4 जुराखनपुरवा/सीएमएस शहीद पथ स्थित अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर – लागत ₹410 लाख
- सेक्टर-4 सीवरेज पम्पिंग स्टेशन के पास अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर – लागत ₹410 लाख
- सेक्टर-5 रामकथा पार्क के पास अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर – लागत ₹410 लाख
- हेल्थ सिटी विस्तार हॉस्पिटल के पास स्थित सीवरेज पम्पिंग स्टेशन का जीर्णोद्धार – लागत ₹326.38 लाख
- सेक्टर-4 मखदूमपुर गाँव पार्क में नया नलकूप – लागत ₹68.56 लाख
- सेक्टर-4 सरस्वती अपार्टमेंट के पास नया नलकूप – लागत ₹68.56 लाख
- सेक्टर-1 मखदूमपुर में नया नलकूप – लागत ₹68.56 लाख
- सेक्टर-6 पीली कॉलोनी पार्क के पास नया नलकूप – लागत ₹68.56 लाख
- सेक्टर-1 सुलभ आवास पम्प नं. 3 के पास नलकूप की रिबोरिंग – लागत ₹55.50 लाख
- सेक्टर-4 जुराखनपुरवा ओएचटी के पास नलकूप की रिबोरिंग – लागत ₹55.50 लाख
- सेक्टर-5/84 के पास नलकूप की रिबोरिंग – लागत ₹55.50 लाख
- सेक्टर-6 ईदगाह के पास नलकूप की रिबोरिंग – लागत ₹55.50 लाख
जनता को क्या मिलेगा लाभ?
इन 14 परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गोमती नगर विस्तार में:
-जलापूर्ति की गुणवत्ता और दबाव दोनों सुधरेंगे।
-नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।
-सीवरेज प्रबंधन और पम्पिंग सिस्टम मजबूत होगा।
-पुराने नलकूप और पम्पिंग स्टेशनों का जीर्णोद्धार होने से रुकावटें दूर होंगी।
-आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।
विकास की नई तस्वीर
गोमती नगर विस्तार को राजधानी लखनऊ का आधुनिक और हाई-टेक क्षेत्र माना जाता है। यहाँ लगातार जनसंख्या और आवासीय प्रोजेक्ट्स बढ़ रहे हैं, ऐसे में जलापूर्ति और सीवरेज की चुनौतियाँ भी बढ़ रही थीं। इन योजनाओं से न केवल मौजूदा जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि आने वाले 15-20 वर्षों तक क्षेत्र की आवश्यकताओं को भी संतुलित किया जा सकेगा।