जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी है। डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भारी बारिश और बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, कई सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चेनाब नदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है।
घटना का विस्तार
डोडा जिले में सोमवार को बादल फटने से भारी तबाही हुई। तेज बारिश के चलते पानी का बहाव इतना तेज था कि कई जगह सड़कें बह गईं और मकानों को नुकसान पहुंचा। चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं किश्तवाड़ में भी बादल फटने से हालात बिगड़ गए।
भलेसा के चरवा इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया। हालांकि, यहां से किसी हताहत की खबर नहीं मिली है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
एनएच-244 पूरी तरह बहा
डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने जानकारी दी कि तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। चेनाब नदी से जुड़े इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। डोडा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-244) पूरी तरह बह गया है। कई स्थानों पर सड़कें टूटकर बह चुकी हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इसके अलावा, एक निजी स्वास्थ्य केंद्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
परीक्षाएं रद्द
लगातार खराब मौसम और तबाही को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 27 अगस्त को होने वाली 10वीं और 11वीं की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। जल्द ही नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।
ऊधमपुर में नाले में बाढ़, 8 लोग फंसे
बादल फटने से केवल डोडा और किश्तवाड़ ही नहीं, बल्कि ऊधमपुर जिले के बसंतगढ़ में भी तबाही का मंजर देखने को मिला। बसंतगढ़ के ललोन गला इलाके में बग्गन नाले में बाढ़ आ गई, जिसमें मवेशी चराने गए 8 लोग फंस गए। SHO बसंतगढ़ राबिन चलोत्रा ने बताया कि सभी लोग नाले के बीच सुरक्षित जगह पर फंसे हैं और पुलिस बचाव अभियान चला रही है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हालात पर चिंता जताई और कहा कि प्रशासन लगातार उनके कार्यालय को अपडेट दे रहा है। केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
जनजीवन अस्त-व्यस्त
भारी बारिश और बादल फटने की वजह से पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग घरों से निकल नहीं पा रहे हैं। गांव के गांव बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं। बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है।