नई दीवार का संन्यास: चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट को कहा अलविदा

नई दीवार ने क्रिकेट को कहा अलविदा – चेतेश्वर पुजारा का सफर हमेशा याद रहेगा

Vin News Network
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Farewell Pujara: The Wall of Indian Test Cricket
Highlights
  • राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय टेस्ट टीम के नंबर-3 पर नई दीवार कहलाए।
  • टेस्ट करियर: 103 मैच, 7195 रन, 19 शतक, 35 अर्धशतक।
  • ऑस्ट्रेलिया दौरे (2018-19) में भारत की ऐतिहासिक जीत के नायक।

भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने रविवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर एक युग का अंत कर दिया। राहुल द्रविड़ के बाद नंबर-3 पर भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ बने पुजारा ने अपने करियर में कई यादगार पारियां खेलीं और टीम इंडिया को मुश्किल हालात से निकालकर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

पुजारा का संन्यास: एक भावुक ऐलान
चेतेश्वर पुजारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट लिखकर अपने संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि भारतीय टीम के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और अब समय आ गया है कि वह अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को मौका दें। पुजारा ने यह भी कहा कि क्रिकेट ने उन्हें सब कुछ दिया है – नाम, सम्मान और यादगार पल, इसलिए अब वह इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन घरेलू स्तर और अन्य मंचों पर उनके भविष्य को लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई।

करियर का सफर
पुजारा ने भारत के लिए साल 2010 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया और धीरे-धीरे टीम के नंबर-3 के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बन गए। उन्होंने कुल 103 टेस्ट मैच खेले और 43.60 की औसत से 7195 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 19 शतक और 35 अर्धशतक निकले। वनडे क्रिकेट में पुजारा का करियर ज्यादा सफल नहीं रहा। उन्होंने सिर्फ 5 वनडे मैच खेले और कुल 51 रन बनाए। यही वजह रही कि उन्हें सीमित ओवर क्रिकेट में लंबे समय तक जगह नहीं मिल पाई।

आखिरी मैच: टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
भारत के लिए पुजारा का आखिरी इंटरनेशनल मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023 था, जो इंग्लैंड के द ओवल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया। इस मैच में भारत को हार झेलनी पड़ी और पुजारा भी खास प्रदर्शन नहीं कर सके। उसके बाद से ही उनके करियर को लेकर अटकलें शुरू हो गई थीं और अब आखिरकार उन्होंने संन्यास लेकर उन अटकलों को विराम दे दिया।

पुजारा – नई दीवार
राहुल द्रविड़ के संन्यास के बाद भारतीय टीम में नंबर-3 की जगह को भरना बड़ी चुनौती थी। कई खिलाड़ियों को आजमाया गया, लेकिन अंततः चेतेश्वर पुजारा ने खुद को उस पोजीशन पर स्थापित किया। उनकी ठोस तकनीक, धैर्य और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता ने उन्हें “नई दीवार” की उपाधि दिलाई। पुजारा ने कई बार टीम इंडिया को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकाला और मैच बचाने या जीताने में अहम योगदान दिया।

यादगार पारियां
पुजारा का करियर कई ऐसी पारियों से भरा है जिन्हें भारतीय क्रिकेट फैंस कभी नहीं भूल पाएंगे। 2018-19 ऑस्ट्रेलिया दौरा – इस सीरीज में पुजारा ने शानदार बल्लेबाजी की और भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने एडिलेड, मेलबर्न और सिडनी टेस्ट में शानदार पारियां खेलीं और सीरीज में 521 रन बनाए। यह सीरीज भारतीय क्रिकेट इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई।

रांची टेस्ट (2017 बनाम ऑस्ट्रेलिया) – पुजारा ने 525 गेंदों पर 202 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। यह उनकी सबसे धीमी और सबसे संघर्षपूर्ण पारियों में से एक मानी जाती है।

कप्तानों का भरोसा
चाहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हों, विराट कोहली या रोहित शर्मा, सभी ने हमेशा पुजारा पर भरोसा जताया। भले ही वह लिमिटेड ओवर क्रिकेट में सफल न हो पाए, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी जगह कभी चुनौतीपूर्ण नहीं रही।

फैंस की भावनाएं
पुजारा के संन्यास के बाद सोशल मीडिया पर बाढ़ आ गई। फैंस ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का असली “दीवार” बताया और लिखा कि उनकी मेहनत और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने भी कहा कि पुजारा जैसा बल्लेबाज बहुत कम देखने को मिलता है।

आगे का सफर
पुजारा ने यह साफ नहीं किया कि वह अब क्रिकेट से पूरी तरह दूर हो जाएंगे या घरेलू क्रिकेट व काउंटी क्रिकेट खेलते रहेंगे। माना जा रहा है कि वह अपनी सेवाएं युवाओं को प्रशिक्षित करने में भी दे सकते हैं।

पुजारा के करियर की प्रमुख उपलब्धियां

  • भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले।
  • 7195 रन बनाए, औसत 43.60।
  • 19 शतक और 35 अर्धशतक।
  • 5 वनडे मैच, कुल 51 रन।
  • 2018-19 ऑस्ट्रेलिया दौरे में भारत की ऐतिहासिक सीरीज जीत के हीरो।
  • 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ WTC फाइनल खेला, जो उनका आखिरी टेस्ट साबित हुआ।
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