नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति इन दिनों एक सनसनीखेज घटना से हिल गई है। बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर जनसुनवाई के दौरान हमला हुआ था। इस हमले के आरोपी राजेश खिमजी को गिरफ्तार कर पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं अब इस केस की जांच दिल्ली पुलिस ने और तेज़ कर दी है।
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने अहम कार्रवाई करते हुए आरोपी के एक करीबी दोस्त को गुजरात के राजकोट से हिरासत में लिया। आरोप है कि इस दोस्त ने हमले से पहले राजेश खिमजी को पैसे ट्रांसफर किए थे। फिलहाल पुलिस इस लेन-देन के पीछे की मंशा और मकसद की गहराई से जांच कर रही है।
पैसे का लेन-देन बना जांच का केंद्र
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राजेश को हमले से पहले एक संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन मिला था। शुरुआती जांच में पता चला कि यह पैसा उसके राजकोट स्थित दोस्त ने ही भेजा था। अब सवाल उठ रहा है कि यह पैसा महज़ निजी संबंधों के तहत भेजा गया था या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है। दिल्ली पुलिस ने संदिग्ध ट्रांजेक्शन की डिटेल्स जुटा ली हैं और फॉरेंसिक व साइबर टीम इसकी गहन जांच कर रही है।
10 संदिग्ध लोगों की निगरानी
पुलिस सूत्रों का कहना है कि राजेश खिमजी के मोबाइल फोन से कई अहम सुराग मिले हैं। उसमें 10 ऐसे लोग सामने आए हैं जिनसे आरोपी लगातार कॉल और मैसेज के ज़रिए संपर्क में था। इन सब पर अब पुलिस कड़ी नज़र बनाए हुए है। जानकारी के मुताबिक, इनमें से एक व्यक्ति को शुक्रवार शाम तक दिल्ली लाया जाएगा और उससे पूछताछ की जाएगी।
राजकोट में दर्ज हो रहे बयान
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम इन दिनों गुजरात के राजकोट में डेरा डाले हुए है। यहाँ आरोपी के छह करीबी लोगों से पूछताछ चल रही है। शुक्रवार को पांच और व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए, जिनका नाम और डेटा आरोपी के फोन में मिला था। सूत्र बताते हैं कि इन बयानों के आधार पर पुलिस को आरोपी के मानसिक हालात, उसकी पृष्ठभूमि और हमले की मंशा को समझने में मदद मिलेगी।
हमले की घटना: कैसे हुआ सब कुछ
बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर आम जनता से जनसुनवाई कर रही थीं। इसी दौरान राजकोट निवासी राजेश खिमजी अचानक उन पर टूट पड़ा और हमला कर दिया। सुरक्षा कर्मियों ने फौरन आरोपी को काबू में कर लिया और मुख्यमंत्री को सुरक्षित कमरे में ले जाया गया। घटना के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई और विपक्ष ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
आरोपी की मानसिक स्थिति पर भी सवाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले कुछ महीनों से मानसिक तनाव में था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले के पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था या फिर यह किसी बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। इस दौरान उससे और भी पूछताछ होगी।
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के बाद दिल्ली में VIP सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आमतौर पर जनसुनवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जाते हैं, लेकिन इस बार आरोपी कैसे भीतर तक पहुँच गया, यह अब भी जांच का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस को घेरा है। उनका कहना है कि अगर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में सेंध लग सकती है तो आम जनता कितनी सुरक्षित है, यह सोचने वाली बात है।
आगे की जांच की दिशा
दिल्ली पुलिस अब इस पूरे मामले की वित्तीय लेन-देन, आरोपी के रिश्तों और उसकी राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि को खंगाल रही है। राजकोट से हिरासत में लिए गए उसके दोस्त से पूछताछ अहम कड़ी साबित हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।