लखनऊ- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में न्यायिक सेवाओं को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया है। सरकार ने नियमावली में संशोधन के माध्यम से जिला न्यायालय में कार्यरत कर्मचारियों को अब वे सभी सुविधाएं प्रदान करने का रास्ता साफ कर दिया है, जो अन्य सेवाओं में पहले से लागू थीं।
कैबिनेट के इस निर्णय से अब जिला न्यायालय के कर्मचारियों को पदोन्नति, सेवावृद्धि, अवकाश और अन्य प्रशासनिक सुविधाओं का समुचित लाभ मिल सकेगा। इस बदलाव को न्यायिक कार्यप्रणाली में सुधार और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक एतिहासिक कदम माना जा रहा है।
मथुरा के CJM के लिए बोलेरो वाहन की स्वीकृति
इसी कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत मथुरा जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आधिकारिक उपयोग के लिए एक बोलेरो वाहन खरीदे जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसका उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों की सुविधा एवं सुगमता को सुनिश्चित करना है, ताकि वे क्षेत्रीय निरीक्षण, अभियोजन और अन्य न्यायिक कार्यों को बिना किसी बाधा के निष्पादित कर सकें।
क्या है इस फैसले का महत्व?
- यह निर्णय न्यायिक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करता है।
- इससे जिला न्यायालयों में प्रशासनिक ढांचे को सशक्त बनाया जा सकेगा।
- न्यायिक प्रणाली को डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में समर्थन मिलेगा।
- न्यायिक अधिकारियों को अब बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे, जिससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
विधि विभाग के अधिकारियों ने इस फैसले को न्यायिक सेवा प्रणाली में संतुलन और समरसता लाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि न्यायिक कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता को भी बढ़ावा देगा।