ऑनलाइन जॉब के नाम पर चीन से चल रहा था बड़ा साइबर फ्रॉड नेटवर्क, लखनऊ पुलिस ने किया पर्दाफाश

"ऑनलाइन कमाई की चाह में ना खो बैठें सब कुछ!"

Vin News Network
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लखनऊ पुलिस ने ऑनलाइन जॉब स्कैम का किया खुलासा
Highlights
  • गिरोह चीन से कर रहा था साइबर फ्रॉड का संचालन
  • सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों को बनाया जा रहा था निशाना
  • फर्जी वेबसाइट, ऐप और क्रिप्टो के माध्यम से हो रही थी ठगी

लखनऊ। अगर आप भी सोशल मीडिया, टेलीग्राम या व्हाट्सऐप पर ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के मैसेज से लुभाए जा रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसे चीन से ऑपरेट किया जा रहा था। यह गिरोह घर बैठे जॉब दिलाने के नाम पर भारतीय नागरिकों से ठगी कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

लखनऊ पुलिस और साइबर सेल की टीम ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान इस नेटवर्क के स्थानीय ऑपरेटर्स को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का कनेक्शन क्रिप्टो करेंसी और विदेशी बैंक खातों से भी जुड़ा है।

कैसे फंसाते थे जाल में?
गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Facebook, Instagram, Telegram, WhatsApp आदि) पर “Work From Home”, “Daily Income”, “Amazon Review Work”, “Crypto Task Job” जैसे नामों से विज्ञापन देते थे।

जो भी व्यक्ति इन पर भरोसा करता, उसे एक लिंक भेजा जाता था जहाँ एक नकली वेबसाइट या ऐप के ज़रिए जॉब ऑफर दी जाती थी। पहले कुछ आसान टास्क देकर मामूली रकम ट्रांसफर कर दी जाती थी जिससे भरोसा बनता था। फिर पीड़ित से कहा जाता था कि अगर ज़्यादा कमाई चाहिए तो कुछ पैसे “इन्वेस्ट” करें। इसी बहाने हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की ठगी कर ली जाती थी।

चीन से कैसे हो रहा था नेटवर्क ऑपरेट?
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह के सर्वर, बैंक खाते, और तकनीकी ऑपरेशन चीन से कनेक्टेड थे। जो मोबाइल ऐप्स इस्तेमाल हो रहे थे वे चाइनीज़ सर्वर से लिंक थे। साथ ही, लेनदेन के लिए क्रिप्टो वॉलेट्स का इस्तेमाल किया जाता था जिससे पैसा ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था। गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें टेलीग्राम चैनल्स और डार्क वेब के माध्यम से टास्क दिए जाते थे।

लखनऊ पुलिस की कार्रवाई
लखनऊ साइबर सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की और इस गिरोह से जुड़े कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल, फर्जी बैंक खाते और लाखों रुपये के डिजिटल ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं।

पुलिस का बयान
एडीसीपी साइबर क्राइम लखनऊ ने कहा: “यह एक संगठित और इंटरनेशनल स्कैम है। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है कि कोई भी व्यक्ति अगर ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब ऑफर कर रहा है, तो उसकी सत्यता की जांच करें। छोटी लालच बड़ी ठगी में बदल सकती है।”

  • आम जनता के लिए चेतावनी
  • कोई भी जॉब जो पहले पैसे मांगती हो, वह संदिग्ध होती है
  • WhatsApp पर भेजे गए लिंक या ऐप को बिना जांचे डाउनलोड न करें
  • कोई भी ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले वेबसाइट का URL चेक करें
  • संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें
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