शिमला- हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते राज्य में जानमाल का व्यापक नुकसान हुआ है। अब तक मानसून सीजन में 109 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 64 की मौत बारिश और भूस्खलन से हुई है। राज्य सरकार ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए लोगों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है।
बारिश से टूटी जनजीवन की रफ्तार
लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण 226 सड़कें बंद हैं। कई राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भारी भूस्खलन के चलते यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। सबसे अधिक असर मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में देखा गया है।
बिजली और जल आपूर्ति बाधित
बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से राज्य की बिजली और पेयजल योजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सैकड़ों गांवों में बिजली गुल है और जल स्रोत क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
नुकसान का आंकड़ा 883 करोड़ के पार
राज्य सरकार द्वारा जारी प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस आपदा से ₹883 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हो चुका है। इसमें सड़कों, भवनों, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान शामिल है।
सरकार की चेतावनी और राहत कार्य
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सरकार ने लोगों से नदियों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है।