नई दिल्ली। भारत को गर्वित करने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एक और इतिहास रच दिया है। उन्होंने Axiom-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष में 18 दिन बिताने के बाद धरती पर सुरक्षित वापसी की है। वह तीन अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रियों के साथ स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन अंतरिक्षयान से प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक लैंड हुए।
आईएसएस से धरती तक 22 घंटे की रोमांचक यात्रा
शुभांशु शुक्ला का स्पेसक्राफ्ट सोमवार को भारतीय समय अनुसार शाम 4:45 बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अलग हुआ। इसके बाद लगभग साढ़े 22 घंटे के सफर के बाद उनका कैप्सूल धरती पर उतरा। इस दौरान उन्होंने पृथ्वी की कक्षा में कई प्रयोगों और अंतरिक्ष गतिविधियों में भाग लिया।

Axiom-4 मिशन की खास बातें
- मिशन में कुल 4 अंतरिक्षयात्री शामिल थे।
- 18 दिन अंतरिक्ष में, जिसमें ज्यादातर समय ISS पर व्यतीत किया गया।
- प्रशांत महासागर में कैप्सूल लैंडिंग, स्पेसएक्स की निगरानी में।
- शुभांशु शुक्ला ने भारत की ओर से भाग लिया और प्राइवेट स्पेस मिशन में देश का प्रतिनिधित्व किया।

वैज्ञानिक और रक्षा प्रतिष्ठानों की बधाई
ISRO, DRDO और भारतीय वायुसेना ने शुभांशु शुक्ला की सफलता पर उन्हें बधाई दी। ISRO ने कहा –“यह भारत के लिए एक प्रेरणास्रोत क्षण है। अंतरिक्ष में भारत की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।”
जनता का उत्साह और सोशल मीडिया पर जश्न
शुभांशु शुक्ला की वापसी की खबर सामने आते ही ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #ShubhanshuShukla और #IndiaInSpace ट्रेंड करने लगे। लाखों लोगों ने उन्हें “भारत का रियल स्पेस हीरो” कहा।