नई दिल्ली। मुंबई की टीम ने एक बार फिर अपना दमखम दिखाते हुए टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में रोमांच की सारी हदें पार कर दीं। इस मुकाबले में मुंबई ने ग्लेन मैक्सवेल की कप्तानी वाली टीम को हराकर दूसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया।
फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मैक्सवेल की टीम ने शानदार शुरुआत की और बोर्ड पर चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। मैक्सवेल ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जड़ा और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। लेकिन मुंबई की गेंदबाजी ने आखिरी ओवरों में वापसी करते हुए विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया।
पहले बैटिंग करते हुए एमआई न्यूयॉर्क की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 180 रन बनाए। टीम की तरफ से विकेटकीपर बैटर क्विंटन डी कॉक (Quinton De Kock) ने सबसे ज्यादा 77 रन की पारी खेली। उनकी पारी में 6 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनके अलावा कोई बैटर ज्यादा रन नहीं बना सका।
आखिरी ओवर बना निर्णायक
जब मैच आखिरी ओवर में पहुंचा तो दर्शकों की धड़कनें तेज हो गईं। 12 रनों की जरूरत थी और मुंबई के बल्लेबाजों ने चौकों-छक्कों की बारिश कर दी। आखिरी गेंद पर आए चौके ने न सिर्फ जीत दिलाई, बल्कि जश्न का माहौल भी बना दिया।
कप्तान का बयान
जीत के बाद मुंबई के कप्तान ने कहा, “यह जीत हमारी टीम की मेहनत और एकजुटता का नतीजा है। मैक्सवेल की टीम ने बेहतरीन मुकाबला दिया, लेकिन हमने दबाव में संयम नहीं खोया। यह जीत हमारे फैंस को समर्पित है।”

मैक्सवेल ने मानी हार, लेकिन दिखाई खेल भावना
ग्लेन मैक्सवेल ने भी हार के बाद मुंबई की तारीफ की और कहा कि फाइनल में हारना जरूर दुखद है, लेकिन दोनों टीमों ने दर्शकों को यादगार मुकाबला दिया।
मुंबई की इस जीत के साथ टूर्नामेंट का समापन हुआ और एक बार फिर यह साबित हो गया कि क्रिकेट में आखिरी गेंद तक कुछ भी हो सकता है। अब मुंबई के समर्थक इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रहे हैं और टीम को सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई है।