बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के एक जिले में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिलाध्यक्ष की बेटी को उसके प्रेमी ने गोली मार दी और इसके तुरंत बाद खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना इलाके में दहशत और तनाव का कारण बन गई है।
भाजपा के देवकाली मंडल अध्यक्ष हेमंत जायसवाल का रानोपाली चौकी क्षेत्र के अयोध्या-लखनऊ हाईवे के बगल में गौरी शंकर पैलेस होमस्टे है। रविवार सुबह लगभग 10:10 बजे देवरिया के नगर कोतवाली क्षेत्र के आचार्य रामचंद्र शुक्ला नगर, भुजौली निवासी युवक आयुष कुमार गुप्ता (22) एक युवती के साथ यहां आया था। दोनों होमस्टे के द्वितीय तल पर स्थित कमरा नंबर 103 में ठहरे थे। दोपहर लगभग 12:32 बजे तक युवक कमरे के बाहर देखा गया। उसके बाद से उनका कमरा बंद हो गया।
युवती के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला है। दोनों ने साढ़े 12 बजे कमरा बंद कर लिया था। शाम को 6 बजे तक कोई हरकत नहीं होने पर होटल स्टाफ ने दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया तो दोनों के शव बेड पर पड़े मिले।
स्थानीय लोगों द्वारा घटना की पूरी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्रेमी को मृत घोषित कर दिया। युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज चल रहा है।
SP ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस प्रेम प्रसंग और पारिवारिक विवाद समेत हर एंगल से जांच कर रही है।
हरदोई में तैनात हेड कांस्टेबल ने की युवती की शिनाख्त
युवक के परिजनों की सूचना पर हरदोई में तैनात हेड कांस्टेबल व युवती के मामा धीरेंद्र कुमार ने कोतवाली अयोध्या के सीयूजी नंबर पर कॉल करके युवती की पहचान बताई। युवती की पहचान गाजीपुर थाना दरियाबाद बाराबंकी निवासी बसपा जिलाध्यक्ष केके रावत की पुत्री अरोमा के रूप में हुई है। वह अयोध्या में नर्सिंग का कोर्स कर रही थी। दो जुलाई को वह घर से अयोध्या के लिए निकली थी। घटनास्थल की वीडियोग्राफी करके स्वतंत्र साक्षियों के बयान दर्ज किए हैं।
बगैर आईडी के युवती को दे दिया कमरा
होमस्टे संचालक के पास सिर्फ युवक की आईडी ही मौजूद थी। युवती का पहचान पत्र या अन्य कागजात उनके पास नहीं थे। युवक का आधार कार्ड भी मोबाइल फोन में उन्होंने लिया था। इस वजह से युवती की पहचान कराने में पुलिस को समय लगा।
मुरारी नामक एक व्यक्ति का नाम आया सामने
पुलिस को छानबीन में युवती की तरफ से मुरारी यादव नामक एक व्यक्ति की जानकारी हुई है। मुरारी ने पुलिस से संपर्क साधा और युवती के बारे में जानकारी दी। हालांकि, इस व्यक्ति का क्या कनेक्शन है, उसे घटना की जानकारी कैसे हुई, आदि पहलुओं से अब तक पर्दा नहीं उठ सका है।