पटना : बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(S.I.R) पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, 5 जुलाई को हमने चुनाव आयोग से मुलाकात की थी और उनके समक्ष अपने सवाल रखे थे। चिंता की बात यह है कि हमें अभी तक चुनाव आयोग से कोई स्पष्टता नहीं मिली है। आप सभी जानते हैं कि बिहार चुनाव आयोग केवल डाकघर के रूप में काम करता है और उसके पास जवाब देने का कोई अधिकार नहीं है। कल चुनाव आयोग ने तीन अलग-अलग निर्देश जारी किए। इससे साबित होता है कि चुनाव आयोग भ्रमित है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, 9 तारीख को राहुल गांधी और हम, दोनों मिलकर चक्का जाम करेंगे। बिहार में जिस तरह से गरीबों के अधिकार, मत का अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है… हम उनके हक के लिए चक्का जाम करेंगे और ट्रेड यूनियनों का भी पूरा साथ देंगे।
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(S.I.R) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कहा, जिस तरह से चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध दिखी, चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल उठ रहे है। ये लोकतंत्र है, राजद सुप्रीम कोर्ट गया। 9 तारीख को बिहार में चक्का जाम होगा, हम बिहार में वोट का अधिकार किसी को छीनने नहीं देंगे… ऐसा नहीं हो सकता। बिहार में निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और अगर यही चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम करने लगे तो लोकतंत्र में प्रतिकार स्वाभाविक है और प्रतिकार मजबूती से किया जा रहा है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी परिवार का सदस्य यदि वो लिखकर देगा कि ये बाहर गए हैं या पटना गए हैं तो उनकी सहमति बन जाएगी लेकिन जो बांग्लादेशी है या बिहार के लोग हैं उसका नाम कटेगा।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(S.I.R) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कहा, चुनाव आयोग ने इसका मजाक बना दिया है, पहले वे एक विज्ञापन जारी करते हैं और फिर वे खुद उसी विज्ञापन के खिलाफ बयान देते हैं। हम बार-बार आवाज उठा रहे हैं कि आप 25-30 दिनों में यह कार्रवाई कैसे कर सकते हैं जब पिछली बार इसमें 1 साल लगा था। आप मानसून के 25 दिनों में यह कार्रवाई कैसे करेंगे? इसलिए हमें सुप्रीम कोर्ट में अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यह चोरी है, चुनाव आयोग गरीब आदमी का वोट चुराने की साजिश रच रहा है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(S.I.R) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कहा, हम अपनी पार्टी में बैठकर चर्चा करेंगे और इस पर फैसला लेंगे। हम सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि इतने कम समय में आप S.I.R. कैसे कर पाएंगे, आप उन लोगों का जन्म प्रमाण पत्र क्यों मांग रहे हैं जिन्होंने अपना पता बदल लिया है, जो अब कहीं और चले गए हैं। बिहार में कुछ नहीं हुआ, रोजगार नहीं है, इसलिए वे लोग मजबूरी में बाहर गए। हमने ये सारी समस्याएं चुनाव आयोग के सामने रखी हैं। अगर जल्दबाजी में 15-20% लोगों के भी नाम छूट गए तो ये नागरिकता का मामला बन जाएगा, इसलिए हम कहते हैं कि हम S.I.R. के खिलाफ नहीं हैं लेकिन समय तो दीजिए।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(S.I.R) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कहा, “चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और हठधर्मिता दिखा रहा है… बिहार में 80% लोग पिछड़े और दलित हैं। बहुत से लोग गांवों में रहते हैं, बहुत से बच्चे घरों में पैदा हुए, वे जन्म प्रमाण पत्र कहां से लाएंगे। चुनाव आयोग लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिश कर रहा है और सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए… अगर लोकतंत्र को बचाना है तो सुप्रीम कोर्ट को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(S.I.R) पर कहा, अगर चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर परंपरागत मतदाताओं के नाम हटाना चाहता है, तो इसे संवैधानिक रूप से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और हम इसे जनता की अदालत में भी चुनौती देंगे। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक या जो गरीब उनके परंपरागत विरोधी हैं उनके नाम हटाने की भाजपा की साजिश हमें स्वीकार नहीं है।
भाजपा सांसद किरण चौधरी ने कहा, बिहार में बहुत सारे लोग पलायन करते हैं, मतदाता सूची में उनके नाम होते हैं। वो निश्चित तौर पर बोगस वोट माने जाएंगे। अभी तक वे (राजद) उसका फायदा उठाते आ रहे थे। अब चुनाव आयोग ने इसका संज्ञान लिया है।
RJD सांसद मनोज झा ने बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(S.I.R) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना पर कहा, हमने मुख्य चुनाव आयुक्त और बाकी दो चुनाव आयुक्तों से अपील की, छोटे-छोटे सवाल पूछे, हमने कहा कि 22 साल में ऐसा नहीं हुआ, हमने उनसे कहा कि जब आपने कार्यभार संभाला था तो आपने कहा था कि मेरे सारे फैसले राजनीतिक दलों से बात करने के बाद होंगे, तो आपने किससे बात की? आपने सिर्फ एक से बात की और वही काफी था? आपने कहां से तय कर लिया कि 25 दिनों के अंदर सिर्फ 11 दस्तावेज ही वैध होंगे और बाकी सभी अवैध होंगे… ये बेदखली की योजना है, पूरा बिहार इसे वोटबंदी कह रहा है। इस संदर्भ में हमने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि सबसे मौलिक अधिकार, वोट के अधिकार पर काले बादल मंडरा रहे हैं, इसे रोकें।
राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा, “बिहार की जनता को नीतीश कुमार पर भरोसा है। आपराधिक घटना का 17 मानकों पर हमारी सरकार समीक्षा करती है…तेजस्वी यादव किस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 159 पुलिसकर्मी सिर्फ लालू यादव के परिवार की सुरक्षा में लगे हुए हैं। बिना सुविधा के ये परिवार रह ही नहीं सकता… जो घटना हुई है, उसपर मुकम्मल कार्रवाई पर भी आपका ट्वीट दिखना चाहिए।
बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, 18 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी बिहार के मोतिहारी जिले में आ रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह 53वां दौरा है। प्रधानमंत्री जब भी आते हैं, कुछ न कुछ सौगात लेकर आते हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा विकसित बिहार के लिए बहुत अच्छा है।
उन्होंने आगे कहा, चुनाव आयोग का मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम जो चल रहा हैं पहले उसे देखें। सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे और जरूरत पड़ी तो चुनाव आयोग से भी मिलेंगे, लेकिन जब तक सब ठीक चल रहा है, किसी मतदाता को कोई परेशानी नहीं है, तब तक विरोध करना ठीक नहीं है। अगर किसी मतदाता को कोई परेशानी होगी तो हम सब साथ हैं।