बरेली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने IVRI यूनिवर्सिटी के 24 स्टूडेंट्स को मेडल और उपाधि दी

CM योगी ने कहा, मैं बताना चाहता हूं कि ये भारत की पौराणिक नगरी है और पांचाल देश के रूप में महाभारत कालखंड में इसकी पहचान थी

Vin News Network
Vin News Network
3 Min Read
बरेली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने IVRI यूनिवर्सिटी के 24 स्टूडेंट्स को मेडल और उपाधि दी

बरेली : राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू आज यानी सोमवार को बरेली पहुंचीं। वह आईवीआरआई के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। सुबह 9:50 बजे उनका विमान त्रिशूल एयरबेस पर लैंड किया। वहां राष्ट्रपति का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने किया।

राष्ट्रपति ने आईवीआरआई के दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को पीएचडी की उपाधि और मेडल प्रदान किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा- बीमारी के रोकथाम में टीकाकरण की अहम भूमिका है। इसमें IVRI की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, मैं जिस परिवेश से आती हूं वो प्रकृति के निकट है।

उन्होंने कहा- पशु और मानव के बीच परिवार का रिश्ता है। जब हम छोटे थे और कोई साधन नहीं थे तब पशु ही हमारे लिए सब कुछ थे। मुझे पशु शब्द ठीक नहीं लगता ये जीवन धन है। गिद्धों के संरक्षण को लेकर उठाए गए कदम को लेकर वैज्ञानिकों को धन्यवाद देती हूं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, पशु आरोग्य मेलों को आयोजन होना चाहिए। उन्होंने कहा, जमीन से केंचुआ खत्म हो रहा है। जमीन की उर्वरता खत्म हो रही है। हम इसे कैसे ठीक कर सकते हैं इसके बारे में सभी को सोचना चाहिए।

CM योगी ने कहा, मैं बताना चाहता हूं कि ये भारत की पौराणिक नगरी है और पांचाल देश के रूप में महाभारत कालखंड में इसकी पहचान थी। यहां 7 प्राचीन महादेव के मंदिर थे। जिन्हें हम वर्तमान में नाथ कॉरिडोर के रूप में विकसित कर रहे हैं। इनमें अलखनाथ मंदिर, त्रिवटी नाथ मंदिर, वनखंडी नाथ मंदिर, धोपेश्वर नाथ मंदिर, तपेश्वर नाथ मंदिर, मणिनाथ मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर यह इस बरेली की पौराणिक पहचान के प्रतीक है।

उन्होंने कहा, कोविड-19 के प्रारंभिक समय में जांच एक चुनौती थी। लेकिन IVRI आगे आया और एक नोडल केंद्र के रूप में यूपी सरकार का सहयोग किया। यानी केवल पशु पक्षियों के लिए ही नहीं मनुष्य के जीवन को बचाने के लिए कोविड-19 की जांच की और 2 लाख से अधिक जांच करने में बड़ी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, लंपी वायरस के लिए वैक्सीन बनाकर उन मूक पशुओं के आवाज को आपने शोध के माध्यम से एक नया जीवन में परिवर्तित करके अन्नदाताओं के जीवन में परिवर्तन लाने का काम किया है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *