कोलकाता गैंगरेप- CCTV फुटेज से हुई पुष्टि : आरोपी छात्रा से जबर्दस्ती करते दिख रहे, SIT मेंबर्स की संख्या 5 से बढ़ाकर 9 की गई

चटर्जी ने बताया कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा को कुछ महीने पहले ही अस्थायी फैकल्टी मेंबर के तौर पर नियुक्ति किया गया था।

Vin News Network
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कोलकाता गैंगरेप- CCTV फुटेज से हुई पुष्टि : आरोपी छात्रा से जबर्दस्ती करते दिख रहे, SIT मेंबर्स की संख्या 5 से बढ़ाकर 9 की गई

कोलकाता : कोलकाता की लॉ छात्रा से गैंगरेप मामले में CCTV फुटेज से गैंगरेप की पुष्टि हुई है। कॉलेज के CCTV में 25 जून की दोपहर 3:30 बजे से रात 10:50 बजे तक करीब 7 घंटे की फुटेज हैं। एक जांच अधिकारी ने बताया कि CCTV में पीड़ित छात्रा को गार्ड के कमरे में जबर्दस्ती ले जाने की घटना कैद हुई है। इससे छात्रा की लिखित शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है।

वहीं, जिस गार्ड के कमरे में रेप हुआ था, शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में अब तक कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

इसके अलावा मामले में शुक्रवार को गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में आज मेंबर्स की संख्या पांच से बढ़ाकर नौ कर दी गई। असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस प्रदीप कुमार घोषाल इसे लीड कर रहे हैं।

घटना 25 जून को कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर के गार्ड रूम में हुई थी। मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा (31) है। घटना में जैब अहमद (19) और प्रमित मुखर्जी (20) भी शामिल हैं। मनोजीत कॉलेज का पूर्व छात्र है, जबकि जैब और प्रमित कॉलेज के छात्र हैं।

पीड़ित छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट में शनिवार को रेप की पुष्टि हुई। मेडिकल जांच कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (CNMC) में की गई थी। पुलिस के मुताबिक पीड़ित के साथ जबरदस्ती करने, शरीर पर काटने और नाखून से खरोंचने के निशान मिले हैं। उससे मारपीट की भी पुष्टि हुई है।

पुलिस ने 26 जून को दो आरोपियों और शुक्रवार सुबह तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने तीनों को 1 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। वहीं लॉ कॉलेज के गार्ड पिनाकी बनर्जी (55) को भी शनिवार को अरेस्ट कर लिया गया।

TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने घटना को लेकर विवादित बयान दिया। बनर्जी ने कहा- अगर कोई दोस्त अपने दोस्त के साथ बलात्कार करता है तो क्या किया जा सकता है।

लॉ कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल नयना चटर्जी ने कहा कि कॉलेज प्रशासन को मीडिया के जरिए घटना की जानकारी मिली। पीड़ित छात्रा या किसी अन्य ने घटना के बारे में कोई शिकायत कॉलेज प्रशासन से नहीं की।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना के एक दिन बाद कैंपस में प्रवेश करने की अनुमति मांगी थी। इस बारे में सिक्योरिटी गार्ड को भी न बताने को कहा गया था। पुलिस ने ग्राउंड फ्लोर के दो कमरे सील कर दिए हैं। वाइस प्रिंसिपल ने गार्ड के ठीक से ड्यूटी ने करने की बात भी कही।

चटर्जी ने बताया कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा को कुछ महीने पहले ही अस्थायी फैकल्टी मेंबर के तौर पर नियुक्ति किया गया था। परमानेंट स्टाफ की कमी की वजह से हायरिंग की गई थी।

केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा, “TMC के शासन में बंगाल और खराब हो गया है। इस लड़ाई को एक निर्णायक स्तर तक ले जाने के लिए यहां के हमारे नेतृत्व के साथ मैं खड़ा हूं… 50 साल पहले देश में संविधान को खत्म करने के लिए आपातकाल लागू हुआ था। कांग्रेसी संस्कृति आपातकाल के साथ है। आपातकाल की मानसिकता लोगों को डरा धमका कर मनमानी करना है… उसी कांग्रेसी संस्कृति को आगे ले जाने के लिए TMC उस मानसिकता से उभर नहीं पाई है। बंगाल महिला प्रगति की एक प्रयोगशाला रही, उस बंगाल में आर जी कर हो या लॉ कॉलेज की घटना हो ये यहां की सत्ताधारी पार्टी की मानसिकता दिखाता है।

घटना पर सांसद कल्याण बनर्जी के विवादित बयान से तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने खुद को अलग कर लिया है। बनर्जी ने शुक्रवार को कहा था- अगर कोई दोस्त अपने दोस्त का बलात्कार करता है तो क्या किया जा सकता है।

पार्टी ने X पोस्ट में लिखा, ‘सांसद कल्याण बनर्जी के बयान उनके निजी हैं। ये पार्टी स्टैंड नहीं है। पार्टी महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर जीरो टॉलरेंस रखती है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग करती है।’

मुख्य पुलिस अभियोजक सोरिन घोषाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, बलात्कार करने में मदद करने वाले सभी व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इस मामले में दो अन्य व्यक्तियों ने बलात्कार में मदद की। इस वजह से यह सामूहिक बलात्कार का मामला है।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक बंगाली न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘हैरान कर देने वाली घटना! एक महिला लॉ छात्रा के साथ कॉलेज परिसर में गैंगरेप हुआ। आरोपियों में एक पूर्व छात्र और दो कॉलेज स्टाफ शामिल हैं। मामले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा एक व्यक्ति भी शामिल है।’

उधर, TMC स्टूडेंट विंग के प्रमुख तृणकुर भट्टाचार्य ने कहा- हमने कभी नहीं कहा कि मनोजीत मिश्रा TMC की स्टूडेंट विंग से नहीं जुड़ा था। वो जूनियर मेंबर था। कॉलेज में TMC के छात्र विंग की एक्टिव यूनिट नहीं है।

बंगाल सरकार में मंत्री शशि पांजा ने कहा- पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपराजिता विधेयक (बलात्कार के दोषियों के लिए मौत की सजा) पारित किया गया था। यह अब तक कानून नहीं बन सका क्योंकि भाजपा ने इसे रोक दिया। एक महिला का शरीर आपकी राजनीति के लिए युद्ध का मैदान नहीं है। इसका सम्मान किया जाना चाहिए।

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