कथावाचकों से बदसलूकी को लेकर इटावा में बड़ी हिंसा, पुलिस पर पथराव, गोली चलानी पड़ी

पुलिस के रोकने पर भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस पर भी पथराव किया गया और उनकी गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया।

Vin News Network
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कथावाचकों से बदसलूकी को लेकर इटावा में बड़ी हिंसा, पुलिस पर पथराव, गोली चलानी पड़ी

इटावा : उत्तर प्रदेश के इटावा में दो कथावाचकों से बदसलूकी को लेकर 26 जून को एक बार फिर बवाल हो गया। आरोप है कि अहीर रेजिमेंट नाम के संगठन के लोगों ने घटना के विरोध में दांदरपुर गांव में घुसने और उपद्रव करने की कोशिश की। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर ही पथराव कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गगन यादव नाम के शख्स ने अहीर रेजिमेंट नाम से एक संगठन बनाया है। इसी संगठन से जुड़े लोगों ने उस गांव में घुसने की कोशिश की, जहां कथावाचकों के साथ बदसलूकी की गई थी। बड़ी संख्या में लोग गांव में घुसने की कोशिश कर रहे थे। हालात बिगड़ने की आशंका से पुलिस ने संगठन के लोगों को रोकने की कोशिश की।

पुलिस के रोकने पर भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस पर भी पथराव किया गया और उनकी गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया। उपद्रवियों ने लाठी-डंडों से पुलिस की गाड़ियों से तोड़फोड़ की। इससे कुछ गाड़ियों के शीशे टूटे भी हैं। इसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को बलप्रयोग करना पड़ा। उसने हवाई फायरिंग भी की। दारोगा के हवाई फायरिंग करने की तस्वीरें भी आई हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीशचंद्र ने मीडिया को बताया, कुछ लोगों के द्वारा उपद्रव करने की कोशिश की गई थी। सबको नियंत्रण में कर लिया गया है। अब यहां शांति व्यवस्था कायम है। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। गांव के बाहर फोर्स तैनात की गई है। साथ ही कुछ गाड़ियां भी सीज की गई हैं।

कथावाचकों के साथ क्या हुआ था?

दांदरपुर गांव, उत्तर प्रदेश का इटावा ज़िले में बकेवर थाना क्षेत्र में 21 जून को बेहद आपत्तिजनक घटना घटी। कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहायक संत कुमार यादव कथा कहने पहुंचे थे। आरोप है कि कथावाचकों की जाति के चलते उनसे मारपीट की गई। कथावाचकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया, बाल काटे गए और जबरन महिला के पैर छुआए गए और उन पर पेशाब भी फेंका गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आ चुका है। गांव वालों ने इस बात पर कथावाचकों के साथ मारपीट की कि वो ब्राह्मण नहीं हैं और कथा कहने आ गया। गांववालों ने आरोप है कि कथावाचकों ने अपनी पहचान छुपाई।

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