कृषि मंत्री की छापेमारी के बाद एक्शन में विभाग : एक फर्म पर करवाया मामला दर्ज, अब तक 29 सैम्पल भेजे, 2 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि यह भंडारण जानबूझकर खरीफ सीजन में किसानों को संकट में डालकर मुनाफाखोरी के लिए किया गया।

Vin News Network
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कृषि मंत्री की छापेमारी के बाद एक्शन में विभाग : एक फर्म पर करवाया मामला दर्ज, अब तक 29 सैम्पल भेजे, 2 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

श्रीगंगानगर : राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की अगुआई में रविवार 22 जून से शुरू हुई उर्वरक घोटाले की जांच बुधवार 25 जून को चौथे दिन भी जारी हैं। कृषि विभाग की टीमों ने अब तक सूरतगढ़ के 5 स्थानों पर छापेमारी कर 29,110 उर्वरक बैग और 8664 बोतलें जब्त की हैं। इनमें यूरिया, डीएपी, नैनो यूरिया, जैविक खाद, बायो फर्टिलाइजर और सूक्ष्म पोषक तत्व शामिल हैं। अब तक 29 नमूने लिए जा चुके हैं। एक फर्म पर एफआईआर दर्ज हुई है। कई फर्मों के विक्रय पर 2 से 21 दिन तक रोक लगाई गई है।

अब तक की कार्रवाई में सूरतगढ़ रीको इंडस्ट्रियल एरिया, सब्जी मंडी के पास, वर्धमान मिल क्षेत्र और मारुति नंदन धर्म कांटा सहित 5 जगहों पर गोदामों की जांच हुई। सहायक निदेशक (कृषि) सुरजीत कुमार बिश्नोई ने बताया कि एक गोदाम में कार्रवाई अब भी जारी है। सब्जी मंडी के पास स्थित गोदाम से उपनिदेशक (कृषि) विनोद कुमार गौतम ने उर्वरकों के नमूने लिए। अशोका फर्नीचर के सामने एक बड़े गोदाम से डिप्टी डायरेक्टर (उद्यान) प्रीतिबाला गर्ग और कृषि अधिकारी विकास कुमार ने कोरोमंडल इंटरनेशनल, श्रीराम फर्टिलाइजर्स और राम फास्फेट लिमिटेड की खाद के नमूने लिए। वर्धमान मिल क्षेत्र में गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर और कोरोमंडल की खाद की जांच की गई।

मारुति नंदन धर्म कांटा स्थित एक ऑफिस से उपनिदेशक (कृषि) केशव कालीराणा ने इफको कंपनी का 3504 लीटर नैनो यूरिया और 60 लीटर नैनो डीएपी जब्त किया। नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इस फर्म के खिलाफ सूरतगढ़ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इसके अलावा 23692 बोतल तरल उर्वरक और 5571 मीट्रिक टन सूक्ष्म पोषक तत्वों के विक्रय पर रोक लगाई गई है।जांच में सामने आया कि कई गोदामों में स्टॉक रजिस्टर नहीं मिले। फर्म का नाम और पता तक अंकित नहीं था। मूल्य सूची और भंडारण प्रदर्शन बोर्ड भी नहीं थे। इन अनियमितताओं के आधार पर कई फर्मों को नोटिस जारी किए गए हैं।

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि यह भंडारण जानबूझकर खरीफ सीजन में किसानों को संकट में डालकर मुनाफाखोरी के लिए किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि डीएपी का रैंक आए 10 दिन हो गए, फिर भी कंपनियों ने न डीलरों को आपूर्ति की, न सहकारी समितियों को। मंत्री ने गहन जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिन गोदामों से उर्वरक जब्त हुए हैं, उनके लिए संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। बिना अधिकृत गोदाम, मूल्य सूची और वितरण के बिना इतना बड़ा स्टॉक रखने पर जवाब मांगा जाएगा।

इस बीच कृषि निदेशक विस्तार डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने उपनिदेशक (उद्यान) प्रीतिबाला गर्ग और कृषि अधिकारी (मिशन) विकास कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि 22 जून को मंत्री के निर्देशों की पालना में शिथिलता बरती गई। विभाग ने 24 जून तक कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन उस समय तक सिर्फ 352 बैग की जब्ती की सूचना दी गई। इसे लापरवाही मानते हुए दोनों अधिकारियों को 25 जून सुबह 10 बजे तक लिखित रिपोर्ट देने को कहा गया है।

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